हरिद्वार। खड़खड़ी स्थित संत मंडल आश्रम के तत्वावधान में अहमदाबाद, गुजरात से पधारे श्रद्धालुओं द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। कथा के तीसरे दिन कथाव्यास श्री पुष्पक भाई शुक्ला ने भक्तों को भगवान की दिव्य लीलाओं का रसपान कराते हुए वराह अवतार, कपिल मुनि के उपदेश, ध्रुव चरित्र एवं समुद्र मंथन की अत्यंत प्रेरणादायक कथाओं का सुंदर वर्णन किया। कथा के अंतिम चरण में भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति और भगवान नरसिंह अवतार की महिमा का भावपूर्ण प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कथाव्यास श्री पुष्पक भाई शुक्ला ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानव जीवन को सत्य, भक्ति और धर्म के मार्ग पर चलाने की दिव्य प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि भक्त प्रह्लाद की कथा हमें सिखाती है कि सच्ची भक्ति के सामने असत्य और अहंकार टिक नहीं सकते। भगवान अपने भक्तों की रक्षा के लिए किसी भी रूप में अवतरित होते हैं।
कार्यक्रम के यजमान पंकज पांड्या ने कहा कि हरिद्वार की पावन भूमि पर श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन कर उन्हें आत्मिक शांति और अपार सुख की अनुभूति हो रही है। उन्होंने कहा कि कथा श्रवण से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा समाज में धर्म और संस्कारों की भावना मजबूत होती है।
इस अवसर पर भारती पोचाल, श्री ओम प्रकाश जोनी, अशोक त्रिवेदी, उमाबेन, कमलेश, पारसमल सोनी, मीनाबेन बावसार, मनीषा पांड्या एवं विष्णु जोशी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
वराह से नरसिंह अवतार तक गूंजी भक्ति रसधारा, श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब




