श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन ध्रुव भक्ति और प्रहलाद प्रसंग ने भक्तों को किया भावविभोर

हरिद्वार। कनखल स्थित श्री यंत्र मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञानयज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक रस की अद्भुत धारा प्रवाहित हुई।कथा

व्यास आचार्य पं. नीरज जोशी ने ध्रुव चरित्र एवं भक्त प्रहलाद प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि सच्ची श्रद्धा और अटूट विश्वास से भगवान स्वयं भक्तों की रक्षा करते हैं।

कथा के दौरान आचार्य पं. नीरज जोशी जी ने कहा कि ध्रुव की कठोर तपस्या हमें जीवन में लक्ष्य के प्रति समर्पण और दृढ़ निश्चय का संदेश देती है, वहीं भक्त प्रहलाद का चरित्र यह सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी ईश्वर के प्रति आस्था कभी डगमगानी नहीं चाहिए।

उन्होंने कहा कि भगवान अपने भक्तों का कल्याण करने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।कथा श्रवण के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर होकर “राधे-राधे” और “हरे कृष्ण” के जयघोष करते रहे।

इस अवसर पर बोलते हुए महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरि जी ने कहा कि “श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य के जीवन को सत्य, भक्ति और वैराग्य से जोड़ने वाली दिव्य गंगा है। ध्रुव और प्रह्लाद जैसे भक्तों के प्रसंग हमें यह प्रेरणा देते हैं कि अटूट श्रद्धा और भगवान के प्रति समर्पण से असंभव भी संभव हो जाता है। जो व्यक्ति श्रद्धा भाव से भागवत कथा का श्रवण करता है, उसके जीवन में आध्यात्मिक जागरण और आत्मिक शांति का संचार होता है।”

पूरा कथा पंडाल भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो उठा। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित किया।आयोजक हेमचन्द्र जोशी, प्रकाश चन्द्र जोशी, रमेश चन्द्र जोशी एवं समस्त जोशी परिवार ने सभी श्रद्धालुओं से आगामी कथा प्रसंगों में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने की अपील की।

कार्यक्रम के अंत में भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया। कथा का आयोजन 24 मई तक प्रतिदिन सायं 4 बजे से रात्रि 9 बजे तक किया जा रहा है।

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