मुंबई, कमल शर्मा/13 मई 2026। आगामी महाकुंभ 2027 की तैयारियों को लेकर मुंबई अतिथि गृह में महाराष्ट्र सरकार एवं 13 अखाड़ों के संत-महात्माओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वहीं महाराष्ट्र सरकार की ओर से मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis, उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde, जल संसाधन मंत्री एवं कुंभ मेला प्रभारी Girish Mahajan सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में अखाड़ों की मूलभूत सुविधाओं, साधु-संतों के आवास, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात, पेयजल, स्वच्छता और कुंभ क्षेत्र के विकास को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। अखाड़ों की ओर से मांग रखी गई कि प्रत्येक अखाड़े को व्यवस्थाओं के लिए 5 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए प्रत्येक अखाड़े को 5 करोड़ रुपये दिए जाने की घोषणा की, जिसके बाद संत समाज में खुशी की लहर दौड़ गई।

अंतरराष्ट्रीय महामंत्री श्री महंत सत्य गिरी जी महाराज ने कहा कि महाकुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का विश्वस्तरीय प्रतीक है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार संत समाज के सम्मान और सुविधाओं को लेकर गंभीरता से कार्य कर रही है, जिससे आने वाला कुंभ ऐतिहासिक और भव्य बनेगा।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाकुंभ 2027 को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि संत समाज की भावनाओं और आवश्यकताओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा तथा विश्वभर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि कुंभ भारत की आध्यात्मिक पहचान है और महाराष्ट्र सरकार इसे ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। वहीं कुंभ मेला प्रभारी गिरीश महाजन ने कहा कि सभी विभागों के साथ समन्वय बनाकर तैयारियां तेजी से आगे बढ़ाई जा रही हैं।
बैठक के बाद संत समाज और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय दिखाई दिया तथा महाकुंभ 2027 को लेकर व्यापक तैयारियों का संदेश पूरे देश में गया।



