शांतिकुंज में जगा सोमनाथ का स्वाभिमान, संस्कृति और पत्रकारिता सम्मान का दिखा अद्भुत संगम

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में गूंजा राष्ट्रगौरव का स्वर, शांतिकुंज में पत्रकारों का हुआ भव्य सम्मान

कमल शर्मा (हरिहर समाचार)
हरिद्वार, 11 मई। अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रमुख केंद्र शांतिकुंज में सोमवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व श्रद्धा, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति के अद्भुत संगम के रूप में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में शोभायात्रा, रुद्राभिषेक, दीपोत्सव और आरती के माध्यम से भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर शांतिकुंज के अंतेवासी, कार्यकर्ता, देव संस्कृति विश्वविद्यालय परिवार तथा विभिन्न साधना एवं प्रशिक्षण शिविरों से जुड़े प्रशिक्षणार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। संस्कृति मंत्रालय के अधिकारी गणेश चन्द्र पाण्डेय और सुरेन्द्र सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
शांतिकुंज की अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैलदीदी ने अपने संदेश में कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत की सांस्कृतिक चेतना, आत्मगौरव और पुनर्जागरण का अमर प्रतीक है। उन्होंने कहा कि अनेक आक्रमणों के बाद भी मंदिर का पुनर्निर्माण भारतीय समाज की अटूट श्रद्धा और राष्ट्रीय स्वाभिमान की जीवंत मिसाल है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास यह सिद्ध करता है कि भारतीय संस्कृति को कभी मिटाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि यह पर्व राष्ट्रीय चेतना जागृत करने का एक सशक्त अभियान है। वहीं शांतिकुंज व्यवस्थापक योगेन्द्र गिरि ने सोमनाथ मंदिर को आस्था, संघर्ष और पुनरुत्थान का प्रेरणास्रोत बताया।
उल्लेखनीय है कि नरेन्द्र मोदी द्वारा विशेष पूजा-अर्चना के बाद देशभर में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है, जिसके अंतर्गत विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में जन्मशताब्दी कार्यक्रम के सफल आयोजन के उपलक्ष्य में शांतिकुंज में हरिद्वार जिले के पत्रकारों एवं मीडिया प्रतिनिधियों के सम्मान में विशेष समारोह भी आयोजित किया गया। इस दौरान अखिल विश्व गायत्री परिवार की संरक्षिका श्रद्धेया जीजी एवं डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने पत्रकारों से संवाद करते हुए उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया।
डॉ. पण्ड्या ने कहा कि सकारात्मक विचारों और सांस्कृतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वहीं श्रद्धेया जीजी ने मूल्यनिष्ठ पत्रकारिता को समाज में जागरूकता, सद्भाव और राष्ट्रीय चेतना का आधार बताया।
कार्यक्रम में जिला सूचना अधिकारी रतिलाल, प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौधरी, कौशल सिखौला, डॉ. रजनीकांत शुक्ल, डॉ. एसएस जायसवाल सहित जिले के अनेक पत्रकार और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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