हरिद्वार के ज्वालापुर स्थित न्यू सुभाष नगर में दलित उत्थान समिति द्वारा आयोजित दो दिवसीय बुद्ध कथा एवं भीम जागरण कार्यक्रम में सामाजिक समरसता, करुणा और संविधान जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का आयोजन विंध्यावासिनी बैंकट हॉल में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने भाग लेकर भगवान बुद्ध और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को आत्मसात किया।
कार्यक्रम के दौरान “प्रज्ञा, शील, करुणा, जय भीम, नमो बुद्धाय, जय संविधान, मैत्री और जय जौहार” के उद्घोषों से पूरा वातावरण गूंज उठा। कथावाचक राज किशोर प्रेमी ने भगवान बुद्ध की करुणा, मानवता और भाईचारे के संदेश पर प्रकाश डालते हुए समाज में समानता और शिक्षा के महत्व को बताया।

इस अवसर पर समाजसेवी वशिष्ठ पासवान ने कहा कि “भगवान बुद्ध का करुणा का मार्ग और बाबा साहेब आंबेडकर का संविधान आज भी समाज को न्याय, समानता और भाईचारे की राह दिखा रहा है। ऐसे आयोजन सामाजिक जागरूकता के साथ नई पीढ़ी को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति प्रेरित करते हैं।”

उन्होंने कहा कि समाज में आपसी प्रेम, मैत्री और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने बुद्ध वंदना के साथ समाज में शांति, भाईचारे और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया।
आयोजकों ने बताया कि बुद्ध कथा का आयोजन प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक किया गया, जबकि रात्रि में भीम जागरण के माध्यम से सामाजिक चेतना का संदेश दिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में दलित उत्थान समिति न्यू सुभाष नगर, ज्वालापुर के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



