“सीता जयंती पर भक्ति का सागर उमड़ा, महंत प्रहलाद दास जी के प्रवचन से गूंजा रानी गली आश्रम” 🌸

🌸हरिद्वार। रानी गली स्थित आश्रम में माता सीता जयंती के पावन अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं का अपार जनसमूह उमड़ पड़ा। पूरे आश्रम परिसर में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
इस शुभ अवसर पर परम पूज्य महंत प्रहलाद दास जी महाराज ने अपने श्रीमुख से माता सीता के दिव्य चरित्र, त्याग, तपस्या और पतिव्रता धर्म की महिमा का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि माता सीता केवल जनकनंदिनी ही नहीं, बल्कि संपूर्ण नारी शक्ति, धैर्य, सहनशीलता और मर्यादा की जीवंत प्रतिमूर्ति हैं।
अपने प्रवचन में महाराज जी ने बताया कि माता सीता का जीवन हमें यह सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी धर्म, सत्य और संयम का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि वनवास की कठिनाइयों से लेकर लंका में रावण के बंदीगृह तक, हर परिस्थिति में माता सीता ने अपनी पवित्रता, आत्मबल और अटूट विश्वास को बनाए रखा। यही कारण है कि उनका चरित्र युगों-युगों तक मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
महंत जी ने वर्तमान समय में माता सीता के आदर्शों की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि परिवार, समाज और राष्ट्र की उन्नति तभी संभव है जब हम त्याग, प्रेम, सेवा और मर्यादा को अपने जीवन में आत्मसात करें।
कार्यक्रम के दौरान भक्तगण माता सीता के भजनों और जयघोषों में भावविभोर नजर आए। पूरे वातावरण में “जय श्री राम” और “जय सीता माता” के उद्घोष गूंजते रहे।
कार्यक्रम का समापन आरती, प्रसाद वितरण एवं समस्त भक्तों के कल्याण की मंगलकामना के साथ हुआ। माता सीता जयंती का यह पावन पर्व श्रद्धालुओं के हृदय में आस्था, प्रेरणा और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश छोड़ गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *