🔱हरिद्वार, 26 मार्च। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर इस बार अष्टमी और नवमी का पर्व एक साथ पड़ने से पूरे शहर में विशेष उत्साह और भक्ति का वातावरण देखने को मिला। सुबह से ही घरों और मंदिरों में कन्यापूजन का सिलसिला शुरू हो गया, जहां श्रद्धालुओं ने छोटी कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर विधि-विधान से उनका पूजन किया।
श्रद्धालुओं ने कन्याओं के चरण धोकर तिलक लगाया, चुनरी ओढ़ाकर उनका सम्मान किया और हलवा-पूरी व चने का प्रसाद खिलाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता की झलक भी देखने को मिली।
शिवलोक कॉलोनी स्थित अपने आवास पर समाजसेवी कमल खड़का ने परिवार सहित कन्याओं का पूजन कर उन्हें ससम्मान प्रसाद वितरित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नवरात्र में कन्यापूजन का विशेष महत्व होता है, क्योंकि कन्याएं देवी का साक्षात स्वरूप मानी जाती हैं।
सपना खड़का ने बताया कि कन्याओं की सेवा और सम्मान से घर में सुख-समृद्धि, सकारात्मक ऊर्जा और शांति का संचार होता है। साथ ही ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में संस्कार, आस्था और एकजुटता को भी मजबूत करते हैं।
पूरे आयोजन के दौरान भक्ति, श्रद्धा और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने माहौल को पूर्णतः भक्तिमय बना दिया।
“कन्याओं में दिखा मां का स्वरूप: समाजसेवी कमल खड़का के घर भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम” 🔱



