हरिद्वार में संत परंपरा का विराट संगम: श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के बीच स्वामी आनंद स्वरूप जी महाराज का जन्मोत्सव ऐतिहासिक धूमधाम से संपन्न 🎉

🎉
हरिद्वार, कमल शर्मा/धर्मनगरी हरिद्वार की पावन धरा एक बार फिर संत महापुरुषों की दिव्य उपस्थिति से आलोकित हो उठी, जब धर्म धुरंधर शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप जी महाराज का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। विश्व प्रसिद्ध तपोस्थली हरिद्वार में प्रातःकाल से ही मठ-मंदिरों और आश्रमों से संतों का आगमन शुरू हो गया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया।


इस पावन अवसर पर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं मां मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि संत महापुरुषों का जीवन सदैव समाज और जगत कल्याण के लिए समर्पित होता है। उनके प्रत्येक कार्य में लोकमंगल की भावना निहित रहती है और वे इस धरती पर ज्ञान की त्रिवेणी के रूप में प्रतिष्ठित होते हैं। उन्होंने स्वामी आनंद स्वरूप जी महाराज को तप और त्याग की सजीव प्रतिमूर्ति बताया।


भूमा पीठाधीश्वर परम पूज्य स्वामी अच्युतानंद तीर्थ महाराज ने कहा कि संतों के श्रीमुख से निकले वचन मानव जीवन को दिशा और उद्धार प्रदान करते हैं। वहीं श्री महंत विष्णु दास महाराज ने संतों को परमार्थ का साकार स्वरूप बताते हुए कहा कि उनका जीवन ईश्वर आराधना और जनकल्याण में समर्पित रहता है।


श्री महंत दुर्गादास महाराज ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संतों द्वारा किए जाने वाले धर्म-कर्म, यज्ञ और अनुष्ठान संपूर्ण विश्व के कल्याण के लिए होते हैं तथा उनके ज्ञान की धारा सनातन संस्कृति को जीवंत बनाए रखती है। श्री महंत कमलेशानंद सरस्वती महाराज ने संतों को ज्ञान की गंगा बताते हुए कहा कि उनके सान्निध्य में आने से भक्तों का जीवन धन्य और कृतार्थ हो जाता है।


कार्यक्रम में बड़ा उदासीन आश्रम के कोठारी राघवेंद्र दास महाराज, सचिव गोविंद दास महाराज, महंत विनोद महाराज सहित अनेक संत-महापुरुषों और गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी ने स्वामी आनंद स्वरूप जी महाराज को जन्मदिवस की अनंत शुभकामनाएं अर्पित करते हुए उनके दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
पूरे आयोजन ने हरिद्वार की आध्यात्मिक परंपरा और संत संस्कृति की महिमा को एक बार फिर जीवंत कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *