दलित संगठनों का अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान, मेडिकल कॉलेज का नाम बदलने और भेदभाव के खिलाफ उठी आवाज


हरिद्वार/सहारनपुर, 18 मार्च 2026।
विभिन्न दलित संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है। वर्ल्ड दलित काउंसिल (विश्व दलित परिषद) और अन्य सामाजिक संगठनों ने मेडिकल कॉलेज के नाम परिवर्तन सहित कई मुद्दों को लेकर कड़ा विरोध जताया है।
संगठनों का आरोप है कि वर्ष 2010 में स्थापित कांशीराम गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज का नाम वर्ष 2013 में बदलकर मौलाना शेखुल हिंद महमूदुल हसन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, सहारनपुर कर दिया गया, जो अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज का अपमान है। उनका कहना है कि यह कॉलेज एसटी कंपोनेंट प्लान के तहत बनाया गया था और इसमें पहले एससी/एसटी वर्ग के लिए विशेष आरक्षण व्यवस्था भी लागू थी।
दलित संगठनों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि मेडिकल कॉलेज का नाम पुनः बदलकर संत शिरोमणि गुरु रविदास गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं तो वे व्यापक स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे।
इसके साथ ही संगठनों ने उत्तराखंड सरकार पर भी हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जैसे जिलों के साथ “सौतेला व्यवहार” करने का आरोप लगाया। किसानों को मुआवजा, युवाओं को रोजगार, और पुलिस भर्ती में कथित भेदभाव जैसे मुद्दों को भी उठाया गया।
खिलाड़ियों के सम्मान को लेकर भी नाराजगी जताई गई। संगठनों ने कहा कि जहां कुछ खिलाड़ियों को करोड़ों की पुरस्कार राशि दी गई, वहीं हरिद्वार की अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी वंदना कटारिया को उनके प्रदर्शन के बावजूद उचित सम्मान और पुरस्कार नहीं मिला, जिससे खिलाड़ियों का मनोबल गिर रहा है।
इस दौरान भूपेंद्र पाल सिंह, बेगराज सिंह चमार (राष्ट्रीय महासचिव), पिंकी, रीतू, प्रियव्रत, कमलेश, नितेश और मधु सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संगठनों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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