नूरपुर पंजनहेड़ी में हुए विवाद को लेकर मातृ सदन ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला है। संत ब्रह्मचारी सुधानंद ने अनशन की घोषणा की है, क्योंकि उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्वामी शिवानंद ने मांग की कि झूठी एफआईआर को खत्म कर ब्रह्मचारी सुधानंद की शिकायत पर
नूरपुर पंजनहेड़ी में पिछले दिनों हुए विवाद को लेकर मातृ सदन ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। संत ब्रह्मचारी सुधानंद के खिलाफ मुकदमा और अपनी लिखित शिकायत पर कार्रवाई न होने के विरोध में आज से अनशन शुरू करने की घोषणा की। मातृ सदन के संस्थापक स्वामी शिवानंद ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि 28 जनवरी की शाम करीब 5:40 बजे ब्रह्मचारी सुधानंद की ओर से कनखल थाने में अमित चौहान और उसके सहयोगियों के खिलाफ लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इसके ठीक दो घंटे बाद ही नूरपुर पंजनहेड़ी में हुए विवाद के आरोपी अमित चौहान की शिकायत पर मातृ सदन के संत ब्रह्मचारी सुधानंद और अन्य पर कूटरचित एफआईआर दर्ज की गई।
उन्होंने इसे संतों की हत्या कराने की पूर्व नियोजित साजिश करार दिया। स्वामी शिवानंद ने कहा कि मातृ सदन का इतिहास सत्याग्रह, अहिंसा और बलिदान का रहा है। किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जाए जांच स्वामी शिवानंद ने प्रशासन को चेताते हुए मांग उठाई कि 28 जनवरी को ब्रह्मचारी सुधानंद की ओर से दी गई शिकायत पर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। झूठी और दुर्भावनापूर्ण एफआईआर से ब्रह्मचारी सुधानंद और अन्य के नाम हटाए जाएं। इस पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जाए। उन्होंने कहा कि ऐसा न होने पर ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद सतत अनशन प्रारंभकरेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।



