: कमल शर्मा (हरिहर समाचार)
हरिद्वार, आवाहन अखाड़े के राष्ट्रीय महामंत्री श्री महंत सत्य गिरी महाराज ने महाकुंभ को सनातन धर्म का एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक समागम बताते हुए कहा कि कुंभ जो भारत की एकता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देता है। कुंभ केवल एक धार्मिक मेला नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और संस्कृति का संगम है, जहां करोड़ों श्रद्धालु मोक्ष प्राप्ति के लिए स्नान करते हैं।

आगे बोलते हुए महामंत्री श्री महंत सत्य गिरी महाराज ने कहा कि कुंभ के आयोजन में संतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करते हुए मेला व्यवस्थाओं को भव्य और व्यवस्थित बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला शानदार होगा और प्रशासनिक तैयारियां तेज गति से चल रही हैं। मुख्यमंत्री की तरफ से भी यही पुष्टि है कि यह 14 जनवरी 2027 (मकर संक्रांति) को शुरू होकर 20 अप्रैल 2027 को समाप्त होगा, जिसमें पहली बार कुंभ की तरह 4 शाही स्नान होंगे, जिनमें महाशिवरात्रि (6 मार्च 2027), सोमवती अमावस्या (8 मार्च 2027), मेष संक्रांति (14 अप्रैल 2027) और चैत्र पूर्णिमा (20 अप्रैल 2027) शामिल हैं, और यह मेला कुंभ की तरह भव्य होगा।
