कमल शर्मा (हरिहर समाचार)
हरिद्वार। कलयुग के प्रत्यक्ष देव एवं ‘हारे का सहारा’ माने जाने वाले श्री खाटू श्याम जी महाराज की अनुपम कृपा से धर्मनगरी हरिद्वार में 22 फरवरी 2026, रविवार को भव्य श्री खाटूश्याम फाल्गुन मेला का आयोजन किया गया यह दिव्य आयोजन सप्तसरोवर, भूपतवाला स्थित श्री खाटूश्याम मंदिर परिसर में प्रातः 7:15 बजे से सायं 7:15 बजे तक श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ l
राजस्थान के सीकर स्थित पावन धाम के आराध्य, महाभारत के पराक्रमी योद्धा बर्बरीक (श्याम बाबा) को भगवान श्रीकृष्ण से कलयुग में अपने नाम से पूजे जाने का वरदान प्राप्त हुआ था। वे हारने वालों के सहारा और भक्तों के कष्ट हरने वाले देव के रूप में विख्यात हैं। इसी आस्था और विश्वास के साथ हरिद्वार में यह विशाल धार्मिक आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बना l
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं
सत्संग प्रवचन – दोपहर 2:00 बजे से 3:00 बजे तक
श्री खाटूश्याम (बर्बरीक जी) की पावन रसमय कथा – अपराह्न 3:00 बजे से सायं 7:00 बजे तक
अखंड ज्योति प्रज्ज्वलन
मोहक श्रृंगार एवं छप्पन भोग
अरदास एवं भव्य भंडारा
श्रद्धालुओं हेतु विशेष स्टॉल व्यवस्था
इस अवसर पर गुरु माँ सानी आनंद ज्योति के सान्निध्य में कथा एवं भक्ति कार्यक्रम हुए l आयोजन में गरिमामयी उपस्थिति स्वामी कल्याण देव जी महाराज की रही l इस अवसर पर बोलते हुए कल्याण देव जी महाराज ने कहा कि कलयुग में जो भी भक्त सच्चे मन से खाटू श्याम के नाम का जाप करते हैं, वे उनके सभी कष्ट दूर कर देते हैं।फाल्गुन माह में खाटू श्याम जी का यह विशेष मेला लगता है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु दर्शन और “निशान” (ध्वज) अर्पित करने के लिए आते हैं। कार्यक्रम का संचालन वेदांताचार्य स्वामी परमानन्द जी महाराज द्वारा किया गया l इस अवसर पर बोलते हुए महाराज श्री ने कहा कि खाटू श्यामजी (बर्बरीक) महाभारत काल के एक महान योद्धा, भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र थे। अपनी माता मौर्वी और भगवान शिव की तपस्या से उन्हें तीन अभेद्य बाण प्राप्त थे, जो युद्ध का निर्णय क्षणों में कर सकते थे। श्रीकृष्ण ने उनके महान बलिदान से प्रसन्न होकर उन्हें कलियुग में अपने नाम ‘श्याम’ से पूजे जाने का वरदान दिया।
सेवा एवं सहयोग
स्टॉल व्यवस्था का दायित्व श्री गंगाशरण चन्देरिया (हरिद्वार) तथा भंडारा संचालन श्री उमेश गर्ग (हरिद्वार) द्वारा किया गया अखंड ज्योति एवं विभिन्न सेवाओं में अनेकों श्रद्धालुओं ने अपना सहयोग प्रदान किया l सभी श्रद्धालुओं से तन-मन-धन से सहयोग करते हुए अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर पुण्य लाभ अर्जित किया l
“आयोजन कराने वाले श्याम – करने वाले आप और हम”
जय श्री श्याम।
