हरिद्वार,(कमल शर्मा)गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के मुख्य परिसर के छात्र-छात्राओं ने कन्या गुरुकुल परिसर देहरादून में संचालित विभिन्न विभागों को मुख्य परिसर हरिद्वार में सम्मिलित करने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए कुलाधिपति एवं कुलसचिव को ज्ञापन सौंपा है। छात्रों ने मांग की है कि इस प्रस्ताव पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा किसी भी निर्णय से पहले छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं सभी संबंधित पक्षों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाए।
ज्ञापन में कहा गया है कि अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत, पुरातत्व सहित अन्य विभागों के संभावित विलय से छात्राओं की शिक्षा, सुरक्षा, परिवहन, आवास और भविष्य पर सीधा प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में छात्र हितों की अनदेखी कर लिया गया कोई भी निर्णय स्वीकार्य नहीं होगा।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि इस विषय पर प्रस्तावित बैठक में छात्र प्रतिनिधियों एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया गया, जो प्राकृतिक न्याय एवं सहभागी प्रशासन की भावना के विपरीत है। उन्होंने मांग की कि किसी भी बैठक में छात्र प्रतिनिधिमंडल को शामिल किया जाए ताकि उनका पक्ष भी सुना जा सके।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि किसी कार्यवाहक या अंतरिम कुलपति को विश्वविद्यालय के विभागों अथवा परिसरों के स्थानांतरण जैसे बड़े नीतिगत निर्णय लेने का अधिकार नहीं है। ऐसे निर्णय विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद, अकादमिक परिषद एवं वैधानिक प्रक्रियाओं के अनुरूप ही लिए जा सकते हैं। साथ ही यूजीसी के महिला सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना भी आवश्यक है।
छात्र नेता आशु मलिक का बयान
छात्र नेता आशु मलिक ने कहा, “कन्या गुरुकुल परिसर के विभागों का विलय केवल प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि हजारों छात्राओं के भविष्य और उनकी सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। बिना छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की राय लिए कोई भी निर्णय लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्र हितों की अनदेखी करते हुए एकतरफा फैसला लिया तो छात्र समुदाय संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।”
छात्रों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो वे चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे।
कन्या गुरुकुल के विभागों के विलय का छात्रों ने किया कड़ा विरोध, आंदोलन की चेतावनी





