मातृ सदन, हरिद्वार
दिनांक 31-01-2026
1) आज मातृ सदन, हरिद्वार में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में मीडिया कर्मियों के साथ-साथ हरिद्वार में व्याप्त बढ़ती कानून-व्यवस्था की बदहाली से चिंतित नागरिकों ने भाग लिया।
2) प्रेस वार्ता में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि उत्तराखंड में कानून का राज समाप्त हो चुका है तथा शासन-प्रशासन खुले तौर पर माफिया तत्वों के प्रभाव में कार्य कर रहा है।
3) आज प्रातः की गई पूर्व घोषणा के अनुसार ब्रह्मचारी आत्मबोधनन्द द्वारा आज से निरंतर अनशन प्रारम्भ कर दिया गया है। इस अनशन से संबंधित मांगें पूर्व में ही प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों को प्रेषित की जा चुकी हैं।
4) परम पूज्य श्री गुरुदेव स्वामी श्री शिवानंद जी महाराज ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए दिनांक 28-01-2026 को ग्राम नूरपुर पंजनहेड़ी में घटित घटना पर गंभीर प्रश्न उठाए।
5) क्या पुलिस ने घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज जब्त की है? यदि हाँ, तो अब तक यह स्पष्ट क्यों नहीं किया गया कि फुटेज में क्या देखा गया?
6) क्या अमित चौहान एवं उसके सहयोगी घातक हथियारों से लैस होकर श्री अतुल चौहान एवं उनके लोगों पर हमला करने के लिए पहले से ही तैयार नहीं थे? क्या प्रशासन की गाड़ी पहले से ही वहाँ खड़े होकर हमले का इंतज़ार नहीं कर रही थी? पुलिस को सूचना क्यूँ नहीं दी गई?
7) अमित चौहान एवं उसके सहयोगी, एचआरडीए सचिव मनीष कुमार तथा तहसीलदार सचिन कुमार के विरुद्ध अब तक भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 के अंतर्गत कार्यवाही क्यों नहीं की गई? *पूर्व नियोजित तरीके से हमले की तैयारी करने व पूरी तैयारी के साथ प्राणघातक हमले करने की पुष्टि होने के बावजूद पुलिस ने अमित चौहान व अन्यों पर धारा 109 बीएनएस क्यूँ नहीं लगाई? *अतुल चौहान की स्कोडा गाड़ी को बुरी तरह क्षतिग्रस्त किसने किया?* क्या ये प्रमाण नहीं है हमला किसने किया? मौके पर से इलेक्ट्रिक स्कूटी किसने गायब की? पुलिस क्यूँ साक्ष्य मिटाने में अमित चौहान व अन्यों की मदद कर रही है?
8) पुलिस के पास ऐसा कौन-सा आधार था जिसके आधार पर अतुल चौहान एवं उनके सहयोगियों के विरुद्ध धारा 109 बीएनएस में प्राथमिकी दर्ज की गई? केवल अमित चौहान की अनर्गल, बेबुनियाद व झूठी तहरीर?
9) पुलिस द्वारा चोट को लेकर बार-बार बदले जा रहे बयानों पर भी बहुत बाद प्रश्नचिह्न है। घटना के बाद एसपी श्री अभय सिंह द्वारा यह कहा गया कि सचिन कुमार के पैर में गोली लगी है, जबकि अस्पताल पहुँचने पर सचिन कुमार को आराम से गाड़ी से उतरते व चलते-फिरते देखा गया।
10) बाद में सचिन कुमार द्वारा यह दावा किया गया कि उसे पेट में गोली लगी है जबकि उसे अस्पताल में सामान्य रूप से अन्य व्यक्ति को सहारा देते/स्ट्रेचर पर लिटाते हुए व स्वयं ही अस्पताल के अंदर जाते देखा गया ।
11) क्या पुलिस सचिन कुमार की चोट को बढ़ा-चढ़ाकर अथवा फर्जी रूप से प्रस्तुत कर अतुल चौहान एवं अन्य के विरुद्ध झूठा मामला गढ़ने का प्रयास कर रही है?
12) क्या यह सब अतुल चौहान एवं उनके साथियों को राजनीतिक संदेश देने के उद्देश्य से किया जा रहा है?
13) क्या पुलिस पहले से ही अमित चौहान के पक्ष में खड़ी है, जिसे यतीश्वरानंद का संरक्षण प्राप्त है?
14) ब्रह्मचारी सुधानन्द द्वारा दी गई शिकायत को अब तक दर्ज न किए जाने का क्या कारण है?
15) चौकी इंचार्ज जगजीतपुर, सुधांशु कौशिक द्वारा अतुल चौहान के नाबालिग पुत्र को अवैध रूप से गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में बर्बरता से पीटे जाने के संबंध में अब तक कोई कार्रवाई/FIR क्यों नहीं की गई?
16) शासन द्वारा अबतक मामले को किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी को स्थानांतरित क्यूँ नहीं किया गया?
17) स्वयं सुधांशु कौशिक ने स्वीकार किया है कि वे दबाव में कार्य कर रहे हैं, ऐसी स्थिति में पुलिस से निष्पक्ष न्याय की कोई अपेक्षा कैसे की जा सकती है?
18) पुलिस यह स्पष्ट करे कि आत्मरक्षा का अर्थ क्या है तथा लाइसेंसी हथियार किस उद्देश्य से दिए जाते हैं?
19) घटना कारित करवाने में प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर प्रश्न उठाया गया कि जब वे मौके पर पहले से उपस्थित थे और अमित चौहान एवं उसके लोग हथियारों के साथ हमले को तैयार थे, तो उन्होनें तत्काल पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी? घटना कारित होने का इंतेज़ार क्यों करते रहे?
20) स्पष्ट है कि मातृ सदन द्वारा उपलब्ध कराए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य एवं वीडियो साक्ष्य अकाट्य हैं।
21) यदि किसी प्रकार की फायरिंग आत्मरक्षा में की गई हो, वह भी माफिया तत्वों द्वारा योजनाबद्ध हमले के दौरान स्वयं की रक्षा हेतु, तो वह किसी भी स्थिति में पूर्णतः न्यायसंगत है, विशेषकर तब जब प्रशासन स्वयं माफियाओं से मिलीभगत में कार्य कर रहा हो।
22) प्रेस वार्ता में यह स्पष्ट रूप से कहा गया कि पुलिस एवं प्रशासन का माफियाओं के प्रभाव में कार्य करना अब संदेह से परे है।
23) मातृ सदन में सत्याग्रह प्रारम्भ हो चुका है और यह तब तक जारी रहेगा जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं।
24) बैठक में अन्य वक्ताओं में श्री अतुल चौहान की पत्नी श्रीमती शिखा चौहान ने अपने पति एवं पुत्र के लिए न्याय की मांग की।
25) किसान नेता भोपाल सिंह चौधरी, उत्तराखंड क्रांति दल के नेता कैप्टन राकेश ध्यानी, किसान नेता कार्तिक उपाध्याय सहित अनेक सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने मातृ सदन के सत्याग्रह एवं मांगों को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।
मातृ सदन
हरिद्वार
