कमल शर्मा (हरिहर समाचार)
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेले (सिंहस्थ कुंभ) के संबंध में नासिक में अखाड़ों और संतों के साथ कई बैठकें कीं, जिसमें मेले की तिथियों (31 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 24 जुलाई 2028 तक) की घोषणा की गई, “अमृत स्नान” की तिथियां तय की गईं और मेले को भव्य बनाने के लिए विभिन्न विकास परियोजनाओं पर चर्चा हुई, जिसमें सभी 13 अखाड़ों के प्रतिनिधि शामिल थे और उन्होंने सरकार को समर्थन का आश्वासन दिया. इस अवसर पर बोलते हुए आवाहन अखाड़े के राष्ट्रीय महामंत्री श्री महंत सत्य गिरी महाराज ने कहा कि आज सभी 13 प्रमुख अखाड़ों के संतों और प्रतिनिधियों ने इन बैठकों में भाग लिया, जो नासिक के इतिहास में पहली बार हुआ है l

कि सभी अखाड़े एक साथ आए.l इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कुंभ मेले से पहले और उसके दौरान बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ₹681 करोड़ की परियोजनाओं की घोषणा की गई, जिसमें गोदावरी नदी की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा l. 31 अक्टूबर 2026 को ध्वजारोहण के साथ मेला शुरू होगा और 24 जुलाई 2028 को समाप्त होगा, जिसमें 3 प्रमुख “अमृत स्नान” (पवित्र स्नान) होंगे l
ध्वजारोहणः 31 अक्टूबर 2026 (रामकुंड, पंचवटी और त्र्यंबकेश्वर में).
पहला अमृत स्नान 2 अगस्त 2027 (सोमवती अमावस्या).
दूसरा अमृत स्नानः 31 अगस्त 2027 (श्रावण अमावस्या).
तीसरा अमृत स्नान: 11 सितंबर 2027 (नासिक में) और 12 सितंबर 2027 (त्र्यंबकेश्वर में)
मुख्यमंत्री ने अखाड़ों और संतों के साथ मिलकर कुंभ मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया और एक भव्य और सफल आयोजन का आश्वासन दिया.
इस अवसर पर सभी तेरह अखाड़ों के संत महात्मा उपस्थित रहे l
