बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है दशहरा, धर्म और सत्य के मार्ग पर चलने का लें संकल्प: महामंडलेश्वर ललितानंद जी महाराज



भारत माता जनहित ट्रस्ट की ओर से महामंडलेश्वर ललितानंद जी महाराज एवं प्रबंधक आईडी शास्त्री ने देशवासियों को दी दशहरे की शुभकामनाएं
हरिद्वार। विजयादशमी एवं दशहरे के पावन पर्व पर भारत माता जनहित ट्रस्ट के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर ललितानंद जी महाराज एवं ट्रस्ट के प्रबंधक आईडी शास्त्री ने संयुक्त रूप से उत्तराखंडवासियों सहित समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित की। उन्होंने इस पावन पर्व को सत्य, धर्म, सदाचार और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक बताते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
इस अवसर पर महामंडलेश्वर ललितानंद जी महाराज ने कहा कि दशहरा केवल रावण दहन का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमें अपने भीतर मौजूद अहंकार, क्रोध, लोभ, ईर्ष्या और नकारात्मक विचारों जैसी बुराइयों का त्याग करने की प्रेरणा भी देता है। भगवान श्रीराम का जीवन हमें सत्य, मर्यादा, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को इस पावन अवसर पर अपने जीवन में सद्गुणों को अपनाने और समाज में प्रेम, सद्भाव तथा भाईचारे को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए।
महामंडलेश्वर जी महाराज ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराएं मानवता को सत्य एवं धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। विजयादशमी का पर्व हमें यह विश्वास दिलाता है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है। उन्होंने सभी देशवासियों के जीवन में सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और आध्यात्मिक उन्नति की कामना की।
वहीं, भारत माता जनहित ट्रस्ट के प्रबंधक आईडी शास्त्री ने दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व समाज में एकता, सद्भाव और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आपसी मतभेद भुलाकर राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता और जनकल्याण के लिए मिलकर कार्य करना चाहिए।
आईडी शास्त्री ने कहा कि दशहरे का वास्तविक महत्व तभी सार्थक होगा, जब हम अपने आचरण में सत्य, ईमानदारी, करुणा और सेवा की भावना को स्थान देंगे। उन्होंने उत्तराखंड सहित पूरे देश में शांति, उन्नति और खुशहाली की कामना करते हुए सभी से इस पर्व को आपसी प्रेम, सद्भाव और उल्लास के साथ मनाने का आह्वान किया।
अंत में महामंडलेश्वर ललितानंद जी महाराज एवं आईडी शास्त्री ने समस्त देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मकता और मंगलकारी परिवर्तन लेकर आए तथा देश में धर्म, संस्कृति, सामाजिक एकता और राष्ट्रप्रेम की भावना और अधिक मजबूत हो।

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