पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) की महारैली में गूंजा ‘सबको इज्जत, सबको रोटी’ का नारा, संविधान लागू कराने और सामाजिक न्याय का लिया संकल्प


मजदूर, किसान और नौजवानों के अधिकारों की बुलंद आवाज बनी महागर्जना महारैली: एसके चौहान

रुड़की। मजदूरों, किसानों, महिलाओं और नौजवानों के अधिकारों की रक्षा, सामाजिक समानता और आर्थिक न्याय की मांग को लेकर पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) की ओर से दिल्ली रोड स्थित ग्रैंड अशोका फार्मा में आयोजित मजदूर, किसान और नौजवान महागर्जना महारैली का समापन अधिकारों के प्रति जागरूकता और एकजुट संघर्ष के आह्वान के साथ हुआ। रैली में मेहनतकश वर्ग की समस्याओं, बेरोजगारी, श्रमिकों के शोषण, किसानों की चुनौतियों तथा संविधान में दिए गए अधिकारों को प्रभावी रूप से लागू करने की जरूरत पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में ‘दो बातें हैं मोटी-मोटी, सबको इज्जत, सबको रोटी’ का नारा प्रमुखता से गूंजा।
पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट एसके चौहान ने कहा कि मजदूर, किसान और नौजवान देश की प्रगति के आधार स्तंभ हैं। देश का संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, सम्मान और न्याय का अधिकार देता है, लेकिन इन अधिकारों का वास्तविक लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को उनके श्रम का उचित मूल्य, किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य और नौजवानों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना समय की मांग है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संविधान की मूल भावना को धरातल पर उतारने के लिए संगठित होकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी का संकल्प है कि मेहनतकश वर्ग के अधिकारों की आवाज को मजबूती से उठाया जाए और किसी भी प्रकार के शोषण तथा अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रखा जाए।
पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के महासचिव प्रोफेसर हेमराज सिंह पटेल ने कहा कि सामाजिक न्याय और समानता के बिना देश का समग्र विकास संभव नहीं है। मजदूरों, किसानों, महिलाओं और युवाओं को सम्मानजनक जीवन तथा आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि आर्थिक विषमता और बेरोजगारी जैसी समस्याओं के समाधान के लिए नीतियों को आम जनता के हितों के अनुरूप प्रभावी बनाना आवश्यक है। उन्होंने रैली को अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और वंचित वर्गों की आवाज को मंच प्रदान करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन बताया।
पीपुल्स लेबर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ई. ललित कुमार ने कहा कि मजदूरों का पसीना देश के विकास की नींव है, इसलिए उन्हें उचित मजदूरी, सुरक्षित कार्यस्थल, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों की समस्याओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। श्रमिकों को उनके अधिकारों की जानकारी देकर संगठित करना और उनके हितों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मजदूरों की एकता ही उनके अधिकारों की आवाज को मजबूत बना सकती है।
पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) के उत्तराखंड राज्य प्रभारी एडवोकेट प्रमोद कुमार ने कहा कि बेईमानी, भेदभाव, शोषण और अन्याय के खिलाफ जागरूक जनसमाज का खड़ा होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि संविधान में प्रत्येक नागरिक के लिए समानता और न्याय का मार्ग प्रशस्त किया गया है। जब मजदूर, किसान और नौजवान अपने अधिकारों को समझकर एकजुट होंगे, तभी समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा मजबूत होगी। उन्होंने संगठन के कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों से जनहित के मुद्दों को लगातार उठाते रहने का आह्वान किया।
अधिकारों की रक्षा और संविधान की भावना को लागू करने का संकल्प
रैली के दौरान मजदूरों, किसानों, महिलाओं और युवाओं को अपने संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा अन्य लोगों को भी जागरूक करने का संदेश दिया गया। आयोजकों ने कहा कि श्रमिकों को सम्मानजनक मजदूरी, किसानों को आर्थिक सुरक्षा, महिलाओं को समान अधिकार और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना एक न्यायपूर्ण समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
कार्यक्रम में पीपुल्स लेबर यूनियन, पीपुल्स फार्मर सेल, पीपुल्स महिला विंग और पीपुल्स यूथ फ्रंट की भूमिका को भी रेखांकित किया गया। रैली का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि मजदूरों, किसानों, महिलाओं और नौजवानों के अधिकारों के लिए आवाज बुलंद करने, सामाजिक समानता को बढ़ावा देने और संविधान के मूल्यों के प्रति जनजागरूकता फैलाने का अभियान आगे भी जारी रखा जाएगा।
‘मजदूर, किसान, नौजवान लागू करेंगे पूरा संविधान’ और ‘जन-जन की है यही पुकार, बेईमानी पर हो प्रहार’ के नारों के साथ महारैली ने सामाजिक न्याय, समानता और सम्मानजनक जीवन के संदेश को बुलंद किया l

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