उत्तराखंड में पहली बार मनाया जाएगा राष्ट्रीय पेंशनर्स दिवस, 17 दिसंबर को सभी जिलों में होंगे भव्य आयोजन

शासन ने जिलाधिकारियों को जारी किए आदेश, पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन ने जताया आभार; नेशनल इंक्रीमेंट के आदेश की भी जगी उम्मीद


देहरादून। उत्तराखंड में पेंशनर्स के सम्मान और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। प्रदेश में पहली बार सरकार की ओर से राष्ट्रीय पेंशनर्स दिवस मनाया जाएगा। आगामी 17 दिसंबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में पेंशनर्स दिवस के भव्य आयोजन किए जाएंगे। शासन ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। आयोजन के समन्वय की जिम्मेदारी कोषागार के अधिकारियों को सौंपी गई है।
यह निर्णय मुख्य सचिव की अध्यक्षता में 12 अगस्त को गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में लिया गया था। बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुपालन में 19 अगस्त को जारी शासन के कार्यवृत्त के आधार पर अब प्रदेशभर में आयोजन की तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। कोषागार निदेशक को भी आयोजन का समन्वय सुनिश्चित करने के लिए आदेशित किया गया है।
गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन के जिलाध्यक्ष ठा. शेर सिंह थापली और महामंत्री दीप चंद शर्मा ने संगठन की वर्षों पुरानी मांग पर शासन की ओर से की गई कार्रवाई का स्वागत किया है। दोनों पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान में कहा कि मुख्य सचिव आनंद वर्धन की पेंशनर्स की समस्याओं के प्रति प्राथमिकता के चलते महज दो माह में दो महत्वपूर्ण शासनादेश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि संगठन की मांग पर पिछले माह के अंत में पेंशनर पहचान पत्र जारी करने के संबंध में भी आदेश निर्गत किया गया था।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष चौ. ओमबीर सिंह और महामंत्री जे.पी. चाहर ने मुख्य सचिव के नेतृत्व में सचिव वित्त दिलीप जावलकर तथा सचिव कार्मिक शैलेश बगौली की ओर से की जा रही कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि पेंशनर्स की एक अन्य महत्वपूर्ण मांग नेशनल इंक्रीमेंट के संबंध में भी जल्द शासनादेश जारी किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष ठा. शेर सिंह थापली ने बताया कि मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक में संगठन के संरक्षक वी.के. गुप्ता के मार्गदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष ओमबीर सिंह और महामंत्री के साथ प्रतिनिधिमंडल ने पेंशनर्स की समस्याओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया था। इस प्रतिनिधिमंडल में हरिद्वार के जिलाध्यक्ष बी.पी. चौहान, पी.सी. खंतवाल, आर.के. जोशी, रमेश पंत और सुखवंश सिंह सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।
उन्होंने कहा कि शासन की ओर से पेंशनर्स दिवस के आयोजन और पहचान पत्र जारी करने संबंधी निर्णय पेंशनर्स के सम्मान तथा उनकी समस्याओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाते हैं। संगठन को आशा है कि इसी तरह पेंशनर्स की लंबित मांगों पर भी शीघ्र निर्णय लेकर उन्हें राहत प्रदान की जाएगी।
रिपोर्ट – ठाकुर शेर सिंह थापली

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