साधना, सत्संग और आत्मचिंतन से गूंजा शारदा पैलेसमास-ध्यान साधना शिविर के बीसवें दिवस संतों ने दिया आध्यात्मिक जीवन का संदेश


हरिद्वार (कमल शर्मा)। महर्षि मेँहीँ अन्नक्षेत्र हरिद्वार के तत्वावधान में शारदा पैलेस में आयोजित मास-ध्यान साधना शिविर 2026 का बीसवां दिवस श्रद्धा, अनुशासन, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा के वातावरण में संपन्न हुआ। शिविर में देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे साधक नियमित रूप से ध्यान-साधना, सत्संग एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता कर आत्मिक उन्नति की दिशा में अग्रसर हो रहे हैं।
बीसवें दिवस पर संत-महात्माओं ने साधकों को ध्यान, सत्संग, सदाचार, सेवा और आत्मचिंतन का महत्व बताते हुए नियमित साधना को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। संतों ने कहा कि भागदौड़ भरे जीवन में मन की शांति और आत्मिक संतुलन के लिए ध्यान एवं सत्संग अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। नियमित साधना से व्यक्ति में संयम, सकारात्मक सोच और सेवा भाव का विकास होता है।


शिविर में स्वामी गुरुनंदन जी महाराज, स्वामी गुरुशरण जी महाराज, स्वामी नंदन जी महाराज, स्वामी बिंदेश्वरी जी महाराज, स्वामी अभिषेकानंद जी महाराज, स्वामी संजीवानंद जी महाराज, स्वामी पंकज बाबा, स्वामी शंकर बाबा सहित अनेक संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। संतों के प्रवचन और आशीर्वचनों से साधकों में विशेष उत्साह एवं श्रद्धा का संचार हुआ।
शारदा पैलेस परिसर में प्रातःकालीन ध्यान-साधना, सत्संग और अन्य आध्यात्मिक गतिविधियों का नियमित क्रम जारी है। शिविर में शामिल साधक अनुशासित दिनचर्या के साथ साधना में जुटे हुए हैं। पूरे परिसर में शांत एवं आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है।
9 अक्टूबर को होगा भव्य समापन
एक माह की साधना के रूप में आयोजित मास-ध्यान साधना शिविर 2026 का भव्य समापन 9 अक्टूबर 2026 को शारदा पैलेस, हरिद्वार में होगा। समापन अवसर पर संत-महात्माओं के विशेष प्रवचन, आशीर्वचन एवं विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समापन समारोह में साधकों और श्रद्धालुओं की विशेष सहभागिता रहेगी।
आयोजक महर्षि मेँहीँ अन्नक्षेत्र हरिद्वार की ओर से समापन कार्यक्रम को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। शिविर के अंतिम चरण को लेकर साधकों में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है।
शिविर के उद्देश्य के संबंध में स्वामी पंकज बाबा ने बताया कि ध्यान-साधना, सत्संग, सेवा और सदाचार के माध्यम से साधकों को आत्मिक उन्नति तथा आध्यात्मिक जीवन के प्रति प्रेरित करना ही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि शिविर में साधकों की निरंतर सहभागिता बनी हुई है और आगामी दिनों में भी ध्यान-साधना एवं सत्संग का क्रम पूरी श्रद्धा के साथ जारी रहेगा।

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