बीआईएस देहरादून शाखा कार्यालय द्वारा दो दिवसीय कारीगर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन,80 से अधिक कारीगरों ने लिया प्रशिक्षण

देहरादून, 26 सितंबर 2026: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), देहरादून शाखा कार्यालय द्वारा दिनांक 25–26 सितंबर 2026 को आभूषण निर्माण से जुड़े कारीगरों के लिए दो दिवसीय कारीगर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 80 से अधिक कारीगरों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम में विशेषज्ञ प्रशिक्षक श्री तिरुपति राजन द्वारा कारीगरों को आभूषण निर्माण में अपनाई जाने वाली आधुनिक तकनीकों, निर्माण प्रक्रियाओं तथा गुणवत्ता संबंधी विभिन्न पहलुओं के बारे में व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान कारीगरों को आभूषण निर्माण में गुणवत्ता बनाए रखने, नवीन तकनीकों को अपनाने तथा उपभोक्ताओं की अपेक्षाओं के अनुरूप सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण आभूषण तैयार करने के संबंध में जानकारी दी गई।

इस अवसर पर श्री हेमंत बी. आडे, निदेशक एवं प्रमुख, बीआईएस देहरादून शाखा कार्यालय ने कहा कि आभूषण उद्योग में तेजी से हो रहे तकनीकी एवं गुणवत्ता संबंधी बदलावों के अनुरूप कारीगरों का निरंतर कौशल विकास आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम कारीगरों को आभूषण निर्माण की नवीनतम तकनीकों एवं प्रक्रियाओं से परिचित कराने के साथ-साथ उनके कौशल को उन्नत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विशेष रूप से हानिकारक तत्वों से मुक्त एवं सुरक्षित आभूषणों के निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित उत्पाद उपलब्ध हो सकें।

श्री सुनील मेसन, सर्राफा एसोसिएशन की ओर से, कार्यक्रम के सफल आयोजन में एसोसिएशन द्वारा हरसंभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया तथा कारीगरों के कौशल विकास के लिए बीआईएस के प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान कारीगरों ने प्रशिक्षण सत्रों में सक्रिय रूप से भाग लिया तथा आभूषण निर्माण से संबंधित तकनीकी विषयों पर विशेषज्ञ प्रशिक्षक से जानकारी एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया। प्रतिभागियों ने इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अपने कौशल को अद्यतन करने और गुणवत्तापूर्ण आभूषण निर्माण में उपयोगी बताया।

बीआईएस देहरादून शाखा कार्यालय द्वारा भविष्य में भी उद्योग एवं कारीगरों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास, गुणवत्ता जागरूकता तथा मानकों के प्रभावी कार्यान्वयन से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर बल दिया गया।

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