श्री जगत राम उदासीन आश्रम में गूंजा संतों का आध्यात्मिक संदेश, विशाल संत समागम में सनातन संस्कृति के संरक्षण का लिया संकल्प जगत राम उदासीन आश्रम में गूंजा संतों का आध्यात्मिक संदेश, विशाल संत समागम में सनातन संस्कृति के संरक्षण का लिया संकल्प
महंत सुतीक्ष्ण मुनि महाराज एवं माता सुदेश मुनि ने संत परंपरा, गुरु महिमा और संस्कारों के महत्व पर दिया संदेश,

सभी 13 अखाड़ों के संत-महापुरुषों ने की सहभागिता
हरिद्वार (कमल शर्मा)। कनखल स्थित प्रसिद्ध श्री जगत राम उदासीन आश्रम में महामंडलेश्वर सुरेंद्र मुनि महाराज की पतित पावन कृपा तथा आश्रम के महंत परम पूज्य परमात्मा स्वरूप सुतीक्ष्ण मुनि महाराज के पावन सानिध्य में विशाल संत समागम एवं संत भंडारे का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ किया गया। आयोजन में सभी 13 अखाड़ों के संत-महापुरुषों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। संतों के श्रीमुख से निकले आध्यात्मिक वचनों ने श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति, सेवा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

संत समागम में उदासीन आचार्य जगतगुरु भगवान श्रीचंद्र महाराज के आध्यात्मिक आदर्शों, त्याग, तपस्या, मानवता और सेवा के संदेश को आत्मसात करने का आह्वान किया गया। संत-महापुरुषों ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति की आत्मा उसकी महान संत परंपरा में निहित है। संतों का जीवन समाज को सत्य, संयम, करुणा, सद्भाव और मानव कल्याण की प्रेरणा देता है।
नया उदासीन अखाड़े के कोठारी श्री नितिन दास माना जी महाराज ने गुरु महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु की महिमा अनंत है। जो सतगुरु की शरण में आ जाता है, उसका जीवन सार्थक हो जाता है। वहीं महंत मोहन सिंह महाराज ने कहा कि संत-महापुरुष समाज के मार्गदर्शक हैं। उनके तप, त्याग और सेवा से ही धर्म एवं संस्कृति की ध्वजा सदैव ऊंची रही है। प्रत्येक व्यक्ति को संतों के बताए मार्ग पर चलते हुए भारतीय संस्कृति की महान परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए।

इस अवसर पर महामंडलेश्वर राम मुनि महाराज, महामंडलेश्वर सुरेश मुनि महाराज, महामंडलेश्वर रामेश्वरम आनंद महाराज, आचार्य महंत रविदेव महाराज सहित अनेक संत-महापुरुषों के श्रीमुख से पावन वचन सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। संतों ने धर्म, अध्यात्म, सेवा, संस्कार और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश देते हुए समाज को एकजुट होकर सद्मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित विशाल संत भंडारे में संत-महापुरुषों का विधिवत पूजन एवं सम्मान किया गया तथा उन्हें श्रद्धापूर्वक भोजन प्रसाद ग्रहण कराया गया। आश्रम परिसर संतों के जयघोष, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों ने आयोजन में सहभागिता कर संत-महापुरुषों का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस अवसर पर महंत आकाश मुनि सहित विभिन्न अखाड़ों के -महापुरुष, आश्रम के दृष्टिगण एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे।













