“हरिद्वार में सिंधी समाज के आराध्य बहराणा साहिब के पावन अवसर पर भक्ति, सेवा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। दो दिवसीय इस भव्य आयोजन में भजन संध्या, विशाल भंडारा और शोभा यात्रा के माध्यम से श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था प्रकट की।
रविवार 12 अप्रैल 2026 को श्री सनातन धर्म पंजाब महावीर दल, भोलागिरि रोड पर आयोजित भजन संध्या में श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में लीन रहे। इसके बाद भोलागिरी घाट पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
🍛 भंडारा सेवा में दिखी सेवा भावना
सेवा सिंधी ज्वैलर्स परिवार द्वारा आयोजित भंडारा 12 व 13 अप्रैल को निरंतर चला, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
👉 ओम प्रकाश असरानी ने कहा, “बहराणा साहिब हमें एकता, सेवा और भाईचारे का संदेश देता है, ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं।”
👉 हरीश भाई (बाबा ज्वेलर्स) ने कहा, “यह सेवा का अवसर हमारे लिए सौभाग्य है, हम आगे भी समाज सेवा में बढ़-चढ़कर भाग लेते रहेंगे।”
👉 कन्हैयालाल जयसिंघानी (काका) ने अपने संबोधन में कहा, “सिंधी समाज की पहचान उसकी संस्कृति और सेवा भावना है, जिसे हम आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचा रहे हैं।”
👉 कन्हैयालाल मंगानी ने कहा, “ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।”
🚩 भव्य शोभा यात्रा में उमड़ा जनसैलाब
विशाल शोभा यात्रा का शुभारंभ सांई जगदीश लाल जी ने किया।
👉 सांई जगदीश लाल जी ने कहा, “बहराणा साहिब आस्था का प्रतीक है, यह हमें सच्चाई और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।”
👉 महेंद्र सनपाल (पप्पा) ने कहा, “हरिद्वार की पावन धरती पर इस आयोजन का विशेष महत्व है, यहां आकर मन को शांति मिलती है।”
👉 सुरेश खत्री ने कहा, “समाज की एकजुटता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है, जिसे ऐसे आयोजन और मजबूत करते हैं।”
👉 विजय इसरानी ने कहा, “युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है।”
📅 दूसरे दिन भी जारी रहा भक्ति का उत्साह
सोमवार 13 अप्रैल को राम भावना सेवा सदन, खड़खड़ी से शोभा यात्रा निकाली गई, जो शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए हर की पौड़ी पहुंची।
👉 नंद लाल आशरा (KSK) ने कहा, “यह आयोजन समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करता है।”
👉 हासानंद मोटवानी ने कहा, “भक्ति और सेवा का यह संगम हर किसी के लिए प्रेरणादायक है।”
👉 हरीचंद गिदवानी ने कहा, “बहराणा साहिब हमें अपने मूल्यों से जुड़े रहने की प्रेरणा देता है।”
👉 बाबा गोपाल दास ने कहा, “सच्ची भक्ति वही है जिसमें सेवा और समर्पण हो।”
👉 संत दहोश ने कहा, “धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करते हैं।”
👉 बाबा जीजलराम साजिव जी ने कहा, “ईश्वर की भक्ति और मानव सेवा ही जीवन का सच्चा उद्देश्य है।”
👉 हेमंत गिदवानी ने कहा, “युवा वर्ग की भागीदारी इस आयोजन की सबसे बड़ी ताकत है।”
👉 श्रीचंद अरोड़ा ने कहा, “हमारी संस्कृति हमारी पहचान है, इसे जीवित रखना हम सभी का कर्तव्य है।”
👉 निखिल कुकरेजा ने कहा, “ऐसे आयोजन समाज में नई ऊर्जा और उत्साह भरते हैं।”
🌊 हर की पौड़ी पर हुआ भव्य समापन
रात्रि 10 बजे हर की पौड़ी पर पूज्य बहराणा साहिब का पल्लव एवं विसर्जन विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुआ।
यह पूरा आयोजन श्रद्धा, भक्ति, सेवा और सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण बना, जिसने हरिद्वार की पावन भूमि को एक बार फिर आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
बहराणा साहिब महोत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब, संतों-महात्माओं और गणमान्यों के संदेशों से गूंजा हरिद्वार”



