हरिद्वार, कमल शर्मा/ श्यामपुर काँगड़ी।
श्री दीप्ति कुटीर भक्ति योग वाटिका में संस्थापक माता श्री यति योगेश्वरी जी की 22वीं पुण्यतिथि एवं आश्रम संचालक स्वामी योगेश्वरानन्द जी और स्वामी जगदीश जी के मौन व्रत पारण के पावन अवसर पर भव्य संत भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हरिद्वार सहित विभिन्न क्षेत्रों से पधारे संतों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और प्रसाद ग्रहण कर कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम का वातावरण भक्ति, श्रद्धा और सेवा भाव से ओत-प्रोत रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

इस अवसर पर आश्रम संचालक स्वामी योगेश्वरानन्द जी ने अपने संबोधन में कहा कि “गुरु परंपरा और संत सेवा ही सनातन धर्म की आत्मा है। माता श्री यति योगेश्वरी जी का जीवन त्याग, साधना और मानव सेवा के लिए समर्पित रहा। उनके आदर्श हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। ऐसे आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना जागृत करने का कार्य करते हैं और हमें धर्म व सेवा के मार्ग पर अग्रसर रहने की प्रेरणा देते हैं।”

कार्यक्रम के सफल आयोजन में आश्रम परिवार कोतवाल रामेश्वर गिरी कोतवाल कमल मुनि महाराज एवं श्याम गिरी महाराज का विशेष योगदान रहा और अंत में सभी संतों का आशीर्वाद प्राप्त कर आयोजन का समापन हुआ।



