क्या ऐसे पूरा होगा ‘मिशन 2027’? बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर त्योहारों की बधाई दे रहे नेता, पर वार्ड 59 में जलभराव से त्रस्त है जनता!

हरिद्वार / ज्वालापुर
उत्तराखंड में साल 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी पारा अभी से चढ़ने लगा है और भाजपा खेमे में ‘मिशन 2027’ के पोस्टर चस्पा होने शुरू हो गए हैं。 शहर की दीवारों और चौराहों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्थानीय दिग्गजों की तस्वीरों वाले बड़े-बड़े होर्डिंग व पोस्टर चमक रहे हैं, जिनमें नवरात्रि, दशहरा, दीपावली और छठ पूजा जैसी तमाम पावन पर्वों की भव्य शुभकामनाएं दी जा रही हैं। लेकिन, इन चमकीले पोस्टरों और शुभकामनाओं के ठीक उलट, धरातल की तस्वीर बेहद शर्मनाक और बदहाल है।

पोस्टर पर ‘मिशन 2027’, जमीन पर नरक बना वार्ड 59

एक तरफ नेताजी बड़े-बड़े बैनर-पोस्टर लगवाकर अपनी राजनीतिक जमीन चमकाने और ‘मिशन 2027’ के दावे ठोक रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ ज्वालापुर के सीतापुर स्थित योरावर एनक्लेव गणेश विहार कॉलोनी (वार्ड 59) के बाशिंदे जलभराव के सैलाब के बीच जीने को मजबूर हैं। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने इन इलाकों की गलियों को तालाब और दरिया में बदल दिया है।

  • त्योहारों की खुशी पर पानी: जहाँ एक ओर पोस्टर जनता को त्योहारों की बधाई दे रहे हैं, वहीं हकीकत यह है कि लोग गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं। घरों से निकलना मुहाल है और पर्वों की खुशियां जलभराव की भेंट चढ़ चुकी हैं।
  • बच्चों और बुजुर्गों की फजीहत: नारकीय हालात के बीच स्कूली बच्चों और बुजुर्गों की जान जोखिम में है, लेकिन इन समस्याओं पर किसी भी जनप्रतिनिधि का ध्यान नहीं है।

जनता का कड़ा सवाल: क्या ऐसे पूरा होगा मिशन 2027?

“जब त्योहारों पर बधाई देने के लिए पैसे और होर्डिंग लगवाने के लिए वक्त है, तो जनता की इस बदहाली को दूर करने के लिए प्रशासन और नेताओं के पास वक्त क्यों नहीं है?”
— क्षेत्र के गुस्से से उबल रहे लोगों का यह सवाल सीधे तौर पर हुक्मरानों को झकझोर रहा है।

जनता अब इन पोस्टरों को देखकर तंज कस रही है और सीधे सवाल पूछ रही है:

  1. खोखले दावे और चमकते चेहरे: दीवारों पर सजे नेताओं के चेहरे क्या सिर्फ वोटों की फसल काटने और ‘मिशन 2027’ साधने के लिए हैं? क्या जनता सिर्फ पोस्टरबाज़ी और नारों के लिए रह गई है?
  2. समस्याओं से आँखें मूंदे जनप्रतिनिधि: एक दशक से पार्षद, विधायक और सरकार की ‘ट्रिपल इंजन’ व्यवस्था होने के बाद भी यदि जनता को घुटनों तक गंदे पानी में उतरना पड़ रहा है, तो ऐसे विकास और मिशन का क्या फायदा?

चेतावनी: पोस्टरबाज़ी छोड़ो, जमीन पर काम करो

डूबते हुए वार्ड 59 की जनता ने दो-ूक कह दिया है कि अब केवल कागजी दावों और त्योहारों की शुभकामनाओं वाले पोस्टरों से काम नहीं चलेगा। यदि जल्द ही जल निकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो जनता इन पोस्टरों के सामने ही सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन, प्रशासन और इन बड़े-बड़े दावों करने वाले नेताओं की होगी।

रिपोर्ट: विजय कुमार

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