गोल्डन कार्ड के लिए 125 करोड़ का बजट मंजूर, पेंशनर्स ने जताया धामी सरकार का आभार



अंशदान वृद्धि का विरोध कर पेंशनर्स ने सरकार से पूरे बजट की व्यवस्था करने की उठाई थी मांग, संगठन ने लंबित मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई की भी दी नसीहत
देहरादून। उत्तराखंड सरकार द्वारा गोल्डन कार्ड योजना के लिए 125 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट स्वीकृत किए जाने का गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन ने स्वागत किया है। संगठन ने पेंशनर्स की मांगों को स्वीकार करते हुए इस दिशा में कार्रवाई करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मंत्रिमंडल का आभार जताया है।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी ओमबीर सिंह और महामंत्री जे.पी. चाहर ने संयुक्त बयान में कहा कि गैरसैंण में आयोजित विधानसभा सत्र के पहले दिन गोल्डन कार्ड योजना के लिए 125 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पास किया जाना पेंशनर्स की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि संगठन लंबे समय से पेंशनर्स के हितों और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए आवाज उठाता रहा है।
पेंशनर नेताओं ने बताया कि एक समय सरकार गोल्डन कार्ड योजना को हाइब्रिड मोड पर संचालित करने और इसके लिए पेंशनर्स के अंशदान में वृद्धि करने पर विचार कर रही थी। संगठन ने इसका पुरजोर विरोध करते हुए स्पष्ट किया था कि पेंशनर्स की चिकित्सा एवं स्वास्थ्य देखभाल की जिम्मेदारी एक कल्याणकारी राज्य की है। इसलिए योजना के संचालन के लिए पेंशनर्स पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने के बजाय सरकार को पूरे बजट की व्यवस्था करनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के साथ हुई बैठक तथा 12 अगस्त को मुख्य सचिव आनंद वर्धन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में संगठन ने अपना पक्ष मजबूती से रखा था। इन बैठकों में पेंशनर्स की मांगों को औचित्यपूर्ण मानते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया था। संगठन ने कहा कि अब गोल्डन कार्ड योजना के लिए अनुपूरक बजट की स्वीकृति उसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
लंबित मांगों पर भी समयबद्ध कार्रवाई की मांग
चौधरी ओमबीर सिंह और जे.पी. चाहर ने सरकार का आभार व्यक्त करने के साथ ही यह भी दोहराया कि संगठन द्वारा प्रस्तुत मांगपत्र पर समयबद्ध कार्रवाई करना सरकार का दायित्व है। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए, ताकि उन्हें अपने जायज अधिकारों और सुविधाओं के लिए बार-बार आवाज न उठानी पड़े।
दोनों पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि सरकार गोल्डन कार्ड के साथ-साथ पेंशनर्स की अन्य लंबित मांगों पर भी गंभीरता से विचार कर उनका समाधान करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो पेंशनर्स में नाराजगी बढ़ सकती है।
— चौधरी ओमबीर सिंह, प्रदेश अध्यक्ष — जे.पी. चाहर, महामंत्री गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन

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