शिरडी से हरिद्वार पहुंचीं साईं बाबा की पावन चरण पादुकाएं, श्री साईं शिव गंगा धाम में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

भक्ति, आध्यात्मिकता और सेवा का बना अद्भुत संगम; भजन-कीर्तन, भंडारा, स्वास्थ्य जांच एवं रक्तदान शिविर ने दिया मानव सेवा का संदेश

हरिद्वार(कमल शर्मा)शिरडी से पूज्य साईं बाबा की पावन चरण पादुकाओं के हरिद्वार आगमन के अवसर पर बहादराबाद स्थित श्री साईं शिव गंगा धाम में आयोजित विशेष धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और सेवा के वातावरण में सम्पन्न हुआ। दिनभर मंदिर परिसर में साईं भक्तों की भारी मौजूदगी रही। श्रद्धालुओं ने साईं बाबा की पावन चरण पादुकाओं के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

कार्यक्रम के दौरान श्री साईं शिव गंगा धाम परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। शिरडी से पधारीं साईं बाबा की चरण पादुकाओं के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। लोगों ने परिवार सहित दर्शन किए और साईं बाबा के प्रति अपनी श्रद्धा एवं आस्था व्यक्त की।

श्री साईं शिव गंगा धाम ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक सेवा को भी प्रमुखता दी गई। आयोजन में भजन-कीर्तन, भजन संध्या, अखंड भंडारा, निःशुल्क स्वास्थ्य जांच तथा रक्तदान शिविर जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए।

चरण पादुकाओं के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालु

दोपहर 1 बजे से चरण पादुकाओं के दर्शन की व्यवस्था की गई थी। देर शाम तक श्रद्धालुओं का मंदिर पहुंचना जारी रहा। साईं बाबा की पावन चरण पादुकाओं के दर्शन को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।

श्रद्धालुओं ने दर्शन के साथ मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की और साईं बाबा से परिवार की सुख-शांति एवं समाज के कल्याण की प्रार्थना की।

इस दौरान आयोजन स्थल पर स्थापित विशाल पारद शिवलिंगम के दर्शन के लिए भी श्रद्धालुओं की विशेष रुचि रही।

भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ वातावरण

कार्यक्रम में देशभर से आमंत्रित भजन गायकों एवं कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में डुबो दिया।

डॉ. कमलेश हरपुरी जी, श्री मॉन्टी शाह जी, श्री राजू जी, श्री पवन शर्मा जी, श्री ओम हसनवाल जी, श्री दास तरुण जी, श्री उज्ज्वल शर्मा जी, श्री राजीव राजस्थानी जी, श्री सत्यदेव भाटिया जी एवं श्री सूर्यदेव शास्त्री जी सहित कलाकारों ने साईं बाबा की महिमा का गुणगान किया।

भजन और कीर्तन के दौरान श्रद्धालु भी भक्तिभाव में शामिल होते नजर आए। मंदिर परिसर में साईं नाम के जयकारों और भजनों से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

अखंड भंडारे में श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

आयोजन के दौरान अखंड भंडारे का भी आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। ट्रस्ट एवं आयोजन से जुड़े स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं के लिए भोजन एवं प्रसाद की व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

आयोजन समिति की ओर से कहा गया कि भारतीय परंपरा में भंडारा केवल भोजन वितरण का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा, समानता और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। यहां आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव के प्रसाद उपलब्ध कराया गया।

धर्म के साथ सामाजिक सेवा का संदेश

श्री साईं शिव गंगा धाम में आयोजित कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि धार्मिक आयोजन को सामाजिक सेवा से भी जोड़ा गया।

आयोजन स्थल पर निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर एवं रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। लोगों ने इन सेवा गतिविधियों में सहभागिता की।

ट्रस्ट की ओर से कहा गया कि साईं बाबा की शिक्षाओं में मानव सेवा का विशेष महत्व है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए धार्मिक आयोजन के साथ स्वास्थ्य सेवा और रक्तदान जैसे सामाजिक कार्यों को जोड़ा गया।

राजीव बंसल बोले—साईं बाबा का संदेश मानवता की सेवा का संदेश

श्री साईं शिव गंगा धाम के मुख्य ट्रस्टी श्री राजीव बंसल जी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर श्रद्धालुओं, संतों, कलाकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों एवं आयोजन से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि शिरडी से साईं बाबा की पावन चरणजी पादुकाओं का हरिद्वार आगमन केवल धार्मिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह समाज को प्रेम, भाईचारे, सद्भाव और सेवा का संदेश देने वाला अवसर भी है।

श्री बंसल ने कहा कि साईं बाबा ने मानवता को सबसे बड़ा धर्म मानते हुए प्रेम और सेवा का मार्ग दिखाया। इसलिए श्री साईं शिव गंगा धाम में धार्मिक आयोजनों के साथ सामाजिक सेवा के कार्यों को भी निरंतर आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जब श्रद्धालु किसी धार्मिक आयोजन में शामिल होने के साथ रक्तदान करते हैं, स्वास्थ्य जांच कराते हैं, जरूरतमंदों की सहायता करते हैं अथवा भंडारे में सेवा करते हैं तो आध्यात्मिकता का संदेश समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचता है।

श्री बंसल ने कहा कि उनका प्रयास है कि श्री साईं शिव गंगा धाम श्रद्धा और आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ मानव सेवा, सामाजिक सद्भाव और जनकल्याण की गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र बने।

उन्होंने कार्यक्रम में शामिल हुए सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भक्तों की सहभागिता ने पूरे आयोजन को सफल और यादगार बना दिया।

कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने दिया सेवा और सद्भाव का संदेश

उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री प्रदीप बत्रा जी ने भी आयोजन के आध्यात्मिक एवं सामाजिक पक्ष को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि भारत की धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपरा हमेशा मानव सेवा, परोपकार और सामाजिक समरसता का संदेश देती रही है।

उन्होंने कहा कि साईं बाबा की शिक्षाएं समाज को प्रेम, सद्भाव और सेवा की प्रेरणा देती हैं। ऐसे आयोजनों के माध्यम से जब धार्मिक आस्था को सामाजिक सेवा से जोड़ा जाता है तो उसका प्रभाव समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचता है।

श्री बत्रा ने कहा कि रक्तदान, स्वास्थ्य जांच, भंडारा और जरूरतमंदों की सहायता जैसे कार्य समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। धर्म का वास्तविक संदेश भी यही है कि मनुष्य अपने साथ-साथ दूसरे लोगों के सुख-दुख में भी सहभागी बने।

उन्होंने श्री साईं शिव गंगा धाम ट्रस्ट एवं आयोजन से जुड़े सभी लोगों को कार्यक्रम के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मकता, भाईचारा और सेवा की भावना को बढ़ावा मिलता है।

शोभायात्रा ने भी आकर्षित किया लोगों का ध्यान

कार्यक्रम के अंतर्गत रुड़की में भी भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने साईं बाबा के जयकारे लगाए और बड़ी श्रद्धा के साथ इसमें सहभागिता की।

शोभायात्रा का उद्देश्य साईं बाबा के प्रेम, सेवा, सद्भाव और मानवता के संदेश को समाज तक पहुंचाना रहा। इसमें श्रद्धालुओं एवं आयोजन से जुड़े लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

शिरडी से आए प्रतिनिधियों की मौजूदगी रही विशेष आकर्षण

कार्यक्रम में शिरडी से आए सीईओ ओर प्रतिनिधियों की उपस्थिति भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। शिरडी से साईं बाबा की चरण पादुकाओं का हरिद्वार पहुंचना भक्तों के लिए भावनात्मक एवं आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण अवसर रहा।

श्रद्धालुओं ने इसे शिरडी और हरिद्वार की आध्यात्मिक परंपराओं के जुड़ने का विशेष अवसर बताया।

साईं बाबा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास

श्री साईं शिव गंगा धाम में सम्पन्न हुए इस आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि धार्मिक आस्था के साथ यदि सामाजिक सेवा को जोड़ा जाए तो धार्मिक कार्यक्रम समाज के लिए व्यापक प्रेरणा का माध्यम बन सकते हैं।

कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने चरण पादुकाओं के दर्शन के साथ भजन-कीर्तन में सहभागिता की, प्रसाद ग्रहण किया तथा सेवा गतिविधियों में भी अपनी भागीदारी निभाई।

ट्रस्ट की ओर से कहा गया कि भविष्य में भी धार्मिक एवं सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यक्रमों को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि साईं बाबा के प्रेम, करुणा, सेवा और सद्भाव के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सके।

श्रद्धालुओं के लिए यादगार रहा आयोजन

शिरडी से हरिद्वार पहुंचीं साईं बाबा की पावन चरण पादुकाओं के दर्शन का यह अवसर श्रद्धालुओं के लिए लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा। दिनभर चले कार्यक्रम में भक्ति, संगीत, दर्शन, प्रसाद और सेवा—सभी का समन्वय देखने को मिला।

कार्यक्रम के समापन पर श्री साईं शिव गंगा धाम ट्रस्ट की ओर से सभी श्रद्धालुओं, अतिथियों, संतों, कलाकारों, चिकित्सकों, रक्तदाताओं, स्वयंसेवकों और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया गया।

आयोजन ने यही संदेश दिया कि श्रद्धा जब सेवा से जुड़ती है तो वह केवल व्यक्तिगत आस्था नहीं रहती, बल्कि समाज के कल्याण का माध्यम बन जाती है। साईं बाबा के प्रेम, मानवता और सेवा के संदेश के साथ श्री साईं शिव गंगा धाम में सम्पन्न हुआ यह आयोजन इसी भावना का एक सुंदर उदाहरण बना।

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