गुरु गोविंद सिंह की पुण्यतिथि एवं वार्षिक श्रद्धा महोत्सव में उमड़ा संत समाज
हरिद्वार (कमल शर्मा)। श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल में आयोजित गुरु गोविंद सिंह जी की पुण्यतिथि एवं वार्षिक श्रद्धा महोत्सव में देशभर से संत-महंतों, श्रद्धालुओं एवं गणमान्य लोगों ने पहुंचकर गुरु परंपरा का स्मरण किया और संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। महोत्सव में सनातन संस्कृति, संत परंपरा और गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डाला गया।

महोत्सव के निमंत्रण पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने परम पूज्य महंत श्री ज्ञान देव जी महाराज को पुष्पमाला, अंगवस्त्र एवं 108 रुद्राक्ष का बुक्का भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। महंत ज्ञान देव जी महाराज ने स्वयं पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया। इस सम्मान को श्रद्धालु ने अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि संत-महात्माओं का स्नेह और आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।

इस अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद (महानिर्वाणी अखाड़ा) के परम अध्यक्ष परम पूज्य संत श्री रविंद्र पुरी जी महाराज से भी आशीर्वाद प्राप्त किया गया। जय राम आश्रम के परमाध्यक्ष परम पूज्य संत श्री ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी जी, चेतन ज्योति आश्रम के परमाध्यक्ष महंत श्री ऋषिश्वरानंद जी महाराज तथा उन्नाव लोकसभा सांसद महामंडलेश्वर परम पूज्य संत श्री साक्षी जी महाराज का भी आशीर्वाद प्राप्त हुआ।

महोत्सव में नया उदासीन अखाड़ा के मुख्य पूज्य महंत भगत राम जी, परम पूज्य बाबा हठयोगी जी महाराज, मुख्य पूज्य संत दुर्गा दास जी महाराज, पूज्य महंत कोठारी जसविंदर सिंह शास्त्री जी महाराज, महामंडलेश्वर परम पूज्य संत श्री करौली शंकर दास जी महाराज सहित विभिन्न अखाड़ों एवं आश्रमों के संत-महंतों ने पहुंचकर गुरु वाली संत परंपरा के आशीर्वचनों का लाभ लिया।
श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल के सचिव महंत देवेंद्र शास्त्री ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी का जीवन त्याग, तपस्या, धर्मरक्षा और मानवता की सेवा का प्रेरणास्रोत है। उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित यह श्रद्धा महोत्सव समाज को गुरु के बताए मार्ग पर चलने तथा धर्म, संस्कार और सेवा के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि अखाड़ों की संत परंपरा सदैव समाज को आध्यात्मिक दिशा देने का कार्य करती रही है।
उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश महासचिव तेलूराम प्रधान ने कहा कि संतों का सानिध्य और गुरुजनों का आशीर्वाद समाज के लिए सदैव प्रेरणादायी रहा है। गुरु गोविंद सिंह जी ने धर्म, न्याय और मानवता की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। उनके विचार आज भी समाज को एकजुटता, साहस और सेवा का संदेश देते हैं। ऐसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजनों से हमारी सनातन परंपराएं और सामाजिक संस्कार मजबूत होते हैं।
महोत्सव में बड़ी संख्या में संत-महंतों एवं भक्तगणों की उपस्थिति रही। श्रद्धालुओं ने संतों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और गुरु गोविंद सिंह जी के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया l













