32 साल की सेवा, फिर भी नियमितीकरण नहीं!गुरुकुल कांगड़ी में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का दसवां दिन, विद्यालय प्रशासन से वार्ता बेनतीजा

दसवें दिन भी नहीं टूटी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, गुरुकुल कांगड़ी प्रशासन से वार्ता बेनतीज

कई कई सालो से सेवा दे रहे कर्मचारियों को नियमित किया जाए” — सफाई मजदूर संघ की मांग, राहुल चौधरी ने दिया समर्थन
कुलपति से मुलाकात में भी नहीं निकला समाधान, परिसर में जगह-जगह पसरा कूड़ा


हरिद्वार (कमल शर्मा)। गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय हरिद्वार में अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ की ओर से कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल दसवें दिन भी जारी रही। सफाई कर्मचारियों ने कुलपति द्वारा कथित रूप से की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर माफी मांगने, लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने तथा दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के वेतन को निर्धारित करने सहित कई मांगें उठाई हैं।


सफाई मजदूर संघ की ओर से 21 सितंबर 2026 से कुलसचिव कार्यालय प्रांगण में आंदोलन शुरू किया गया है। संघ की प्रमुख मांगों में 10 वर्ष से अधिक सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को नियमित करना, सभी दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को फिक्स वेतन देना तथा 10 वर्ष से कम सेवा वाले कर्मचारियों को 18 हजार रुपये प्रतिमाह फिक्स वेतन देने की मांग शामिल है।


हड़ताल के दौरान आज प्रदेश किसान कांग्रेस कमेटी (ई) उत्तराखंड के पूर्व प्रदेश महामंत्री एवं प्रवक्ता तथा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य राहुल चौधरी कर्मचारियों के बीच पहुंचे और उन्होंने अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कुलपति प्रोफेसर प्रतिभा मेहता लूथरा के समक्ष भी कर्मचारियों की समस्याएं रखीं।


राहुल चौधरी ने कहा कि जो कर्मचारी पिछले 20, 25 और 32 वर्षों से लगातार संस्थान को अपनी सेवाएं दे रहे हैं, उनके भविष्य को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने और उन्हें बेहतर सेवा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी।
वहीं कुलपति से हुई बातचीत के दौरान प्रशासन की ओर से नियमों का हवाला दिया गया। कुलपति का कहना था कि विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कर्मचारियों के मानदेय में समय-समय पर वृद्धि की जाती है तथा संस्थान यूजीसी के नियमों के अनुरूप कार्य करता है। उन्होंने यह भी कहा कि 21 और 22 सितंबर को परिसर में कार्यक्रम होने के कारण कर्मचारियों से दो दिन रुककर उसके बाद बातचीत करने को कहा गया था


कुलपति का कहना था कि कर्मचारियों ने हड़ताल पर जाने से पहले प्रशासन को पर्याप्त रूप से सूचित नहीं किया और बातचीत के लिए दिए गए समय का भी इंतजार नहीं किया। वहीं सफाई मजदूर संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी सोनू कुमार ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कर्मचारियों की ओर से कई बार बैठक कर समस्याओं पर बातचीत करने का आग्रह किया गया था। उन्होंने कहा कि लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों की समस्याएं भी प्रशासन के सामने रखी गईं, लेकिन समाधान नहीं निकलने पर कर्मचारियों को अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।


सोनू कुमार ने कहा कि परिसर में दिखाई दे रहा कूड़ा बाहर से लाकर नहीं डाला गया है, बल्कि यह संस्थान परिसर में ही सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के कारण जमा हुआ है। उनका कहना है कि जब तक कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

राहुल चौधरी ने कहा कि एक टेबल पर हल होने वाला मामला लंबा खिंच रहा है कर्मचारियों और प्रशासन के बीच बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों की स्थिति पर गंभीरता से विचार करने की बात कही। उन्होंने प्रशासन से कर्मचारियों की मांगों और उनके वर्षों के सेवाकाल को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक पहल करने का आग्रह किया।


दूसरी ओर, दसवें दिन भी हड़ताल जारी रहने के बावजूद कर्मचारियों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच समाधान की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन नियमों के अनुसार ही कार्रवाई किए जाने की बात कह रहा है। ऐसे में दोनों पक्षों के अपने-अपने रुख पर कायम रहने से गतिरोध बढ़ता दिखाई दे रहा है।

इस अवसर पर नवदीप भारद्वाज शाखा अध्यक्ष-सोनु कुमार, अशोक‌कुमार, दीपन कुमार, भारतीय सफाई मजदुर संघ ,जॉनी, शाखा अध्यक्ष- संजय‌ कुमार, शाखा महामंत्री-आनन्द सिंह सुभाष, सुनील, सुरेश राष्ट्रि‌य दलित पिछड़ा का वर्ग आदि सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे ल

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