हरिद्वार (कमल शर्मा)। जिला कांग्रेस कमेटी हरिद्वार ग्रामीण (अनुसूचित जाति विभाग) के जिलाध्यक्ष तीर्थपाल रवि के नेतृत्व में भारत की राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रेषित कर मेरठ में दलित समाज की बेटी ललिता गौतम के कथित हत्या, बलात्कार एवं अपहरण मामले में न्याय की मांग को लेकर हुए शांतिपूर्ण धरने पर पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की गई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों, महिलाओं और युवतियों के साथ पुलिस ने अभद्र व्यवहार किया तथा निर्दोष लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
ज्ञापन में कहा गया कि यह घटना अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम तथा संविधान प्रदत्त शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार की भावना के विपरीत है। ज्ञापन के माध्यम से मेरठ के एसएसपी के विरुद्ध उच्चस्तरीय जांच कर कार्रवाई, ललिता गौतम हत्याकांड की CBI जांच, निर्दोष प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय एवं सुरक्षा प्रदान करने तथा घायल प्रदर्शनकारियों को सरकारी खर्च पर उपचार एवं उचित मुआवजा देने की मांग की गई है।

जिला कांग्रेस कमेटी हरिद्वार ग्रामीण (अनुसूचित जाति विभाग) के जिलाध्यक्ष तीर्थपाल रवि ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। न्याय की मांग कर रहे दलित समाज के लोगों पर लाठीचार्ज और महिलाओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। दोषी अधिकारियों के विरुद्ध निष्पक्ष कार्रवाई कर पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाया जाना चाहिए।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता, विश्व दलित परिषद के प्रदेश अध्यक्ष एवं भारतीय किसान यूनियन वेलफेयर फाउंडेशन के राष्ट्रीय सलाहकार श्री प्रियव्रत ने कहा कि किसी भी पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाना अपराध नहीं हो सकता। यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर बल प्रयोग किया जाता है तो इससे लोकतांत्रिक मूल्यों को आघात पहुंचता है। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए तथा निर्दोष लोगों पर दर्ज मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं।
ज्ञापन की प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग तथा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भी भेजी गई है। इस अवसर पर कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





