श्री हरमिलाप मिशन की निःस्वार्थ चाय सेवा बनी श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों का सहारा

🔥 छह माह से जारी मानवता की मिसाल: हर दिन 500 लोगों तक पहुंच रही सेवा की गर्माहट 🔥
श्री हरमिलाप मिशन की निःस्वार्थ चाय सेवा बनी श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों का सहारा
हरिद्वार (कमल शर्मा)। धर्मनगरी हरिद्वार में सेवा, समर्पण और मानवता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करते हुए श्री हरमिलाप मिशन पिछले छह माह से निरंतर निःशुल्क चाय वितरण सेवा संचालित कर रहा है। प्रतिदिन लगभग 500 कप चाय यात्रियों, श्रद्धालुओं, साधु-संतों एवं जरूरतमंदों को वितरित कर मिशन मानव सेवा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम कर रहा है।
यह सेवा श्री श्री 1008 श्री मुनि हरमिलापी जी महाराज की असीम कृपा, परम पूज्य श्री मदन मोहन हरमिलापी जी के आशीर्वाद तथा परम आदरणीया श्रीमती संगीता हरमिलापी जी के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है। मिशन के समर्पित सेवादार प्रतिदिन पूरी श्रद्धा, अनुशासन और सेवा भाव के साथ इस पुनीत कार्य को अंजाम दे रहे हैं।
हरिद्वार में प्रतिदिन देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु तीर्थ दर्शन और आध्यात्मिक साधना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मिशन की यह सेवा थके-मांदे यात्रियों को राहत देने के साथ-साथ उन्हें अपनत्व और मानवीय संवेदनाओं का भी अनुभव करा रही है। सेवा प्राप्त करने वाले श्रद्धालु एवं यात्री मिशन की इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना कर रहे हैं।
प्रातःकाल से ही मिशन का सेवा दल चाय निर्माण, वितरण और स्वच्छता की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करता है। मिशन का उद्देश्य केवल चाय वितरित करना नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, करुणा, सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करना भी है।
मिशन पदाधिकारियों ने बताया कि यह सेवा आगे भी निरंतर जारी रहेगी तथा आवश्यकता के अनुसार इसे और व्यापक स्वरूप देने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक सेवा का लाभ पहुंचाया जा सके।
श्री हरमिलाप मिशन की यह पहल साबित करती है कि सच्ची आध्यात्मिकता केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं, बल्कि मानवता की सेवा में निहित है। निःस्वार्थ भाव से किया गया प्रत्येक सेवा कार्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बनता है और लोगों को परोपकार की प्रेरणा देता है।
“सेवा ही सच्चा धर्म है और मानवता की सेवा ही ईश्वर की सर्वोत्तम उपासना है।”

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