हरिद्वार, 14 जून 2026 (कमल शर्मा)। भारतीय किसान यूनियन (भानू) के दो दिवसीय चिंतन शिविर में किसानों और मजदूरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई। शिविर की अध्यक्षता यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने की।

इस अवसर पर भानु प्रताप सिंह ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि किसान और मजदूर वर्ग की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी संगठन द्वारा किसानों की मांगों और विभिन्न अव्यवस्थाओं के संबंध में प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया था, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब संगठन चिंतन शिविर के माध्यम से पुनः सरकार का ध्यान इन मुद्दों की ओर आकर्षित कर रहा है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि किसानों और मजदूरों की जायज मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो भारतीय किसान यूनियन (भानू) निकट भविष्य में व्यापक आंदोलन शुरू करने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि देश का अन्नदाता और श्रमिक वर्ग आज भी आर्थिक संकट, बढ़ती लागत और असुरक्षा के दौर से गुजर रहा है, जिसे अब और अधिक समय तक अनदेखा नहीं किया जा सकता।

चिंतन शिविर में पारित ज्ञापन में किसानों के लिए कानूनी एमएसपी की गारंटी, स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाई जाए, कृषि ऋण राहत, प्राकृतिक आपदाओं में उचित मुआवजा, कृषि लागत पर नियंत्रण, सस्ती बिजली तथा भूमिहीन किसानों के लिए विशेष योजनाओं की मांग की गई। वहीं मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि, सामाजिक सुरक्षा, समान कार्य के लिए समान वेतन, मनरेगा का विस्तार, शिक्षा एवं छात्रवृत्ति सुविधाएं, भूमि अधिग्रहण पर उचित मुआवजा तथा वृद्ध किसानों और मजदूरों के लिए सम्मानजनक पेंशन की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।

शिविर में उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया तथा चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो संगठन देशव्यापी आंदोलन की रणनीति तैयार करेगा।

“किसानों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए भारतीय किसान यूनियन हर स्तर पर संघर्ष करेगी। सरकार ने अब भी हमारी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो बड़ा जनांदोलन खड़ा किया जाएगा।”




