हरिद्वार। श्यामपुर कांगड़ी स्थित श्रीवाला जी धाम में आयोजित “सनातनी हिंदू चिंतन संगोष्ठी” का रविवार को आध्यात्मिक गरिमा, राष्ट्र चेतना और सनातन संस्कृति के जयघोष के साथ भव्य समापन हो गया। हिंदू रक्षा सेना हरिद्वार एवं श्री वाला जी धाम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस संगोष्ठी में बड़ी संख्या में संत-महात्माओं, धर्माचार्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं सनातन प्रेमियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का पावन सानिध्य परिव्राजकाचार्य परम सनातनी हिंदू संत परमहंस योगी महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि जी महाराज ने प्रदान किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल पूजा पद्धति नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता को जीवन का मार्ग दिखाने वाली संस्कृति है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को जाति और क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर धर्म एवं राष्ट्र रक्षा के लिए संगठित होना होगl

महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि महाराज ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, वेद, उपनिषद और धर्म परंपराओं से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि संगोष्ठी के माध्यम से समाज में सकारात्मक वैचारिक जागरण का संदेश गया है।

हिंदू सेवा अध्यक्ष सरमेंद्र चौधरी ने कहा कि हिंदू समाज की एकता ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा। संगोष्ठी में धर्मांतरण, गौसंरक्षण, भारतीय संस्कृति, हिंदू संगठित शक्ति एवं राष्ट्र चेतना जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

आयोजक महंत योगी श्रद्धानाथ जी ने सभी संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम के समापन पर संतों का सम्मान एवं प्रसाद वितरण भी किया गया।



