हरिद्वार। सप्त ऋषि रोड गली नंबर 3 स्थित मेंही आश्रम ब्रह्म विद्या पीठ के तत्वावधान में श्री नरसिंह जयंती एवं 20वीं सदी के महान संत, प्रातः स्मरणीय अनंत श्री विभूषित संत सद्गुरु महाराज श्री मेंही जी महाराज की 142वीं जन्म जयंती श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विशाल संत समागम, सत्संग एवं भंडारे का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भाग लेकर संतवाणी का रसपान किया।
कार्यक्रम में आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी व्यासानंद जी महाराज ने कहा कि संत महापुरुष सदैव समाज को सत्य, प्रेम और मानवता का संदेश देते हैं। उन्होंने कहा कि श्री मेंही जी महाराज के विचार आज भी मानव जीवन को आध्यात्मिक प्रकाश प्रदान कर रहे हैं। स्वामी जी ने श्रद्धालुओं से संतों के बताए मार्ग पर चलकर जीवन को सार्थक बनाने का आह्वान किया।
वहीं आश्रम के महामंत्री श्री सूरत सिंह नेगी ने कहा कि सत्संग और भक्ति ही मनुष्य के जीवन का वास्तविक आधार हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में आध्यात्मिक चेतना और आपसी भाईचारे की भावना मजबूत होती है।
कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन, प्रवचन और भंडारे में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरा आश्रम भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया।



