कमल शर्मा
🔴 रुड़की क्षेत्र से बड़ी खबर — रिहायशी इलाके में मोबाइल टावर लगाए जाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय महिलाओं के नेतृत्व में पिछले तीन-चार दिनों से लगातार धरना प्रदर्शन जारी है। भाजपा समाजसेवी सुनीता गोस्वामी के नेतृत्व में लोग टावर हटाने की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि टावर बिना आसपास के निवासियों की बिना अनुमति (NOC) के लगाया जा रहा है, जबकि पास ही करीब 300 मीटर की दूरी पर स्कूल और एक डिस्पेंसरी मौजूद है। लोगों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में टावर लगाना नियमों के खिलाफ है और इससे स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है।
विवाद तब और बढ़ गया जब बिल्डिंग मालिक ने कथित तौर पर यह कहा कि “यह मेरी बिल्डिंग है, मैं जो चाहूं कर सकता हूं,” और टावर हटाने के बदले 10 लाख रुपये की मांग भी की। इस बात से आक्रोशित लोगों ने विरोध तेज कर दिया।
आरोप है कि विरोध के दौरान महिलाओं और बुजुर्गों के साथ बदसलूकी और मारपीट की गई। इतना ही नहीं, पीड़ित पक्ष का कहना है कि उल्टा उनके खिलाफ ही पुलिस में मुकदमा दर्ज करा दिया गया।
सबसे गंभीर आरोप पुलिस की भूमिका को लेकर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार थाने जाकर शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उनकी FIR नहीं लिखी गई। वे SP से भी मिले और कैबिनेट मंत्री तक पहुंचे, लेकिन इसके बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
इस पूरे मामले ने अब प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मौके पर अनिता गोस्वामी, गायनी, पवन योगाचार्य राजेश कश्यप, सुरेंद्र कुमार, सुखबीर कश्यप, प्रदीप कश्यप, रामा शर्मा, हरपाल सिंह सैनी, रजत शर्मा रूबी संजय मोनू उमा धीमान मंजू कश्यप ओमवती, विष्णु देवी, नीलम कश्यप बिशन देवी, गीता कश्यप रश्मि प्रवीण संगीता सनोज तूलिका, निधि नीलम गोस्वामी नीतू, राहुल राणा, विपिन कुमार बृजेश विजय हैप्पी लाखन, ओम कलावाती, विशाल गोस्वामी, विकास शालू, डिम्पल इंद्रा धीमान रवि धीमान सुनील एवं विजय प्रजापति आदि उपस्थित रहे।
क्षेत्र के लोग मांग कर रहे हैं कि:टावर निर्माण तुरंत रोका जाए
मामले की निष्पक्ष जांच हो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ितों की शिकायत दर्ज की जाए l
फिलहाल धरना जारी है और लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है।



