श्री गुरु नानक देव धर्म प्रचार समिति के अध्यक्ष सूबा सिंह ढिल्लों की अध्यक्षता में समिति ने डीएम और एसएसपी को सौंपा ज्ञापन

श्री गुरु नानक देव धर्म प्रचार समिति के अध्यक्ष सूबा सिंह ढिल्लों की अध्यक्षता में समिति ने डीएम और एसएसपी को ज्ञापन सौंपकर गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी के मूल स्थान पर जाने की अनुमति की मांग की है। जिसमें लिखा के महोदय आपको अवगत कराना है कि हर बार की तरह इस बार भी 14 अप्रैल को दिन मंगलवार को बैसाखी का पर्व है तो इस पर्व पर हर बार की तरह समूह सिक्ख संगत गुरुद्वारा श्री ज्ञान गोदड़ी साहिब मूल स्थान जो (हर की पौड़ी पर) है वहां पर अरदास करने के लिए जाना चाहते हैं जहां पर गुरू नानक देव जी अपनी यात्रा के दौरान आये थे और अज्ञान को दूर करने के लिये उन्होंने हर की पैड़ी पर लोगों को ज्ञान का उपदेश दिया

जिस कारण से सिक्ख व अन्य गुरू नानक नाम लेवा संगत जोकि उनके उपदेशों को मानते है वह उनके चरण स्पर्श ऐतिहासिक स्थान पर आकर के सिजदा करते रहें जो मूल स्थान हरिद्वार में हर की पैड़ी पर है जिसे सन 1978 में नगर निगम हरिद्वार के द्वारा सौन्दर्यकरण के लिये अधीग्रहण कर लिया गया था इसके साथ ही कई अन्य स्थानों को भी अधीग्रहण किया गया था महोदय दूसरे स्थानों को तो वापिस उन्के स्वामियों को सौंप दिया गया परन्तु इसी दौरान 1984 का काला दौर चला जिसके कारण से सिक्खों को उनका ऐतिहासिक स्थान नहीं दिया गया जिसके लिये सिक्ख समाज ने अधिकारियों के निरन्तर सम्पर्क में आकर उनसे मूल स्थान वापिस देने के लिये कहा जो कि नगर निगम हरिद्वार ने भारत स्काउट एण्ड गाईड को सौंप दिया जिसमें उन्होने अपना कार्यालय स्थापित कर लिया। महोदय गुरुद्वारा ज्ञान गोदड़ी साहिब का मूल स्थान हर की पैड़ी पर ही स्थित है जिसके साक्ष्य निगम के अभिलेखों में है महोदय मूल स्थान को ही लेने के लिये कई वर्षों से निरन्तर पत्राचार किया जा रहा है। महोदय ऐतिहासिक स्थान के अलावा दूसरी जगह लेना जैसे श्री राम जन्म भूमि के स्थान पर प्रत्येक भारतीय को दूसरा स्थान नामंजूर है इसी प्रकार से ही प्रत्येक गुरू नानक नाम लेवा संगत को दूसरा स्थान नामंजूर है। महोदय कई वर्षों से लगातार संगत के द्वारा मूल स्थान लेने के लिये ही प्रयास किया जा रहा है जिसमें कुछ लोग शासन को व संगत को गुमराह कर रहे है और किसी दूसरे स्थान को भी लेने को तैयार है जोकि पूरे संगत की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। महोदय पूर्व में हमारे द्वारा आप महोदय से मिलने के लिये पत्राचार द्वारा कई बार समय मांगने का प्रयास किया गया है कि आपसे मिलकर संगत की भावनाओं को आपतक पहुंचाया जाये परन्तु आपके कार्यालय से आज तक कोई संतोष जनक उत्तर नहीं प्राप्त हुआ है। महोदय बैसाखी के पर्व पर संगत के द्वारा हरकी पैड़ी स्थित ऐतिहासिक स्थान पर जाकर अरदास करने की भावना को हरिद्वार पुलिस द्वारा प्रत्येक वर्ष रौंद दिया जाता है हरिद्वार पुलिस जगह जगह नाका बन्दी कर संगतों को हर की पैड़ी पर जाने से रोकती है महोदय जिससे संगतों में भारी आक्रोश रहता है। कृपया इस बार आप हमें बैसाखी वाले दिन हर की पौड़ी पर गुरुद्वारा श्री ज्ञान गोदड़ी साहिब मूल स्थान जाने के लिए अनुमति देने की कृपा करें गुरू नानक नाम लेवा संगत आपकी सदा आभारी रहेगी। ज्ञापन देते समय संरक्षक बाबा पंडित, अध्यक्ष सूबा सिह ढिल्लो, जसकरण, सतपाल चौहान गुरविंदर सिंह चीमा, शेर सिंह, बिक्रमजीत सिंह, सागर ठाकुर, गुरप्रीत सिंह उपस्थित रहे। संरक्षक बाबा पंडत ने बताया कि पिछले 10 वर्षों से प्रेमनगर पुल के पास धरना दिया जा रहा है, क्योंकि प्रशासन हरकी पैड़ी स्थित नाई सोता के पास मूल स्थान पर जाने की अनुमति नहीं देता।बाबा पंडत ने कहा कि 14 अप्रैल को बैसाखी के अवसर पर प्रशासन मूल स्थान पर जाने की अनुमति दे, ताकि सिख समाज वहां माथा टेककर अरदास कर सके। अध्यक्ष सूबा सिंह ढिल्लों ने चेताया कि जब तक गुरुद्वारे के लिए मूल स्थान नहीं मिलता, संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार सिख समाज की भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है।

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