गोविंद घाट में बही भक्ति और ज्ञान की गंगा, श्रीकृष्ण जन्म कथा सुन भाव-विभोर हुए श्रद्धालु



हरिद्वार। गोविंद घाट पर आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में आज चौथे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास श्री भक्ति वेदांत सिद्धांति महाराज के श्रीमुख से प्रवाहित हो रही ज्ञान और भक्ति की गंगा ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
कथा के चौथे दिन महाराज श्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का अत्यंत भावपूर्ण और प्रेरणादायक वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म और अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। श्रीकृष्ण का जन्म केवल एक घटना नहीं, बल्कि अधर्म पर धर्म की विजय और मानवता को सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा है।


इस अवसर पर कथा के आयोजक अशोक गोगिया ने बताया कि कथा का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाना और नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति व सनातन धर्म के आदर्शों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान की लीलाओं का श्रवण कर रहे हैं और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान छोटी भक्त सृष्टि सचदेवा ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं हमें प्रेम, करुणा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने सभी बच्चों और युवाओं से धर्म और संस्कृति से जुड़े रहने का आह्वान किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मानवता को धर्म, सत्य और प्रेम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। ऐसी पावन कथाएं समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं और लोगों को भारतीय संस्कृति व आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ती हैं।

कथा के दौरान भजनों और जयकारों से पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा और श्रद्धालु श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनकर भाव-विभोर हो उठे।

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