कमल शर्मा (हरिहर समाचार)
हरिद्वार,9 जनवरी 2026 आज चंडी चौक पर उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित अभियान “फर्स्ट रिस्पोंडर प्रशिक्षण” कार्यक्रम का संचालन हुआ l इस अवसर पर बोलते हुए टैक्सी मैक्सी कैब वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री धर्मेंद्र कश्यप ने बताया कि आज उत्तराखंड सरकार द्वारा संचालित अभियान “फर्स्ट रिस्पोंडर प्रशिक्षण” के तहत सभी ड्राइवर भाइयों को किसी की दुर्घटना होने पर किस प्रकार से उस व्यक्ति की सहायता करनी चाहिए यह जानकारी दी गई। जिसके तहत स्कूल बसों में यात्रा के दौरान पालन किए जाने वाले नियमों की भी जानकारी दी गई l
स्कूल बस में यात्रा करने के नियम
स्कूल बस पीले रंग की होती है और स्कूल बस पर स्कूल का नाम, पता व दूरभाष नम्बर अंकित होता है। स्कूल बस की खिड़कियों में सुरक्षा के लिये जाली / रैलिंग्स लगाना अनिवार्य है। स्कूल बस में बच्चों की सहायता के लिये सहायक की व्यवस्था होती है। सुरक्षा हेतु सकूल बस में वीएलटी /आपातकालीन बटन तथा सीसीटीवी कैमरा लगे होते हैं।
स्कूल बस का इंतजार करते समय हमेशा सड़क से दूर खड़े रहें।
स्कूल बस में चढ़ने के लिए लाईन में अपनी बारी का इन्तजार करें।
स्कूल बस में हमेशा लाईन में ही चढ़ना-उतरना चाहिए, एक दूसरे को धक्का नहीं देना चाहिए।
जब आप स्कूल बस के अन्दर हो, तो अपनी सीट पर बैठे रहें ना कि इधर-उधर भागें।
बस में यात्रा करते समय शरीर का कोई भी अंग (हाथ, सिर, आदि) बाहर न निकालें।
बस में खड़े होकर यात्रा नहीं करें।
बस में शोर नहीं करें, इससे चालक का ध्यान बट सकता है, जो दुर्घटना का कारण बन सकता है।
हमेशा स्कूल बस के आगे के गेट से उत्तराना चाहिए तथा कभी भी चलती बस से नहीं उतरना चाहिए।
बस से उतरने के बाद, सड़क पार करने से पहले बस के जाने का इन्तजार करें, ताकि आप दोनों ओर आसानी से देखकर सड़क पार कर सकें।
स्कूल बस में कभी भी बोनट पर नहीं बैठें और न ही अपना सामान रखें।
स्कूल बस में स्कूल बैग, बोतल आदि सामान को निर्धारित स्थान पर ही रखें।
स्कूल बस में यात्रा करते समय किसी भी प्रकार के कूड़े या सामान को सड़क पर न फेंके, कूड़ा हमेशा स्कूल बस में रखें कूड़ेदान में डालें।
