आज सरकार रजत जयंती समारोह मना रही है परंतु वरिष्ठ आंदोलनकारी को भूल रही है

कमल शर्मा (हरिहर समाचार)

उत्तराखंड राज्य बने 25 वर्ष हो गए हैं आज सरकार रजत जयंती समारोह मना रही है परंतु वरिष्ठ आंदोलनकारी को भूल रही है
उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस 9 नवंबर 2001 में उत्तराखंड की स्थापना की गई थी उत्तराखंड बनाने में सबसे बड़ा योगदान मुख्य आंदोलनकारी फील्ड मार्शल के नाम से विख्यात दिवाकर भट्ट जी जिन्होंने अपने परिवार को उत्तराखंड बनाने में निछावर किया बहुत माता ओ बहनों की इज्जत दाव पर लगाई और 42 आंदोलनकारी द्वारा अपने प्राण निछावरकर किया जब जाकर उत्तराखंड राज्य बना 25 साल होने के बाद सरकार मुख्य आंदोलनकारी को भूल गई आज हम रजत जयंती समारोह मना रहे हैं परंतु आंदोलनकारी जिनकी वजह से उत्तराखंड बना उन लोगों को हम भूल रहे हैं ऐसा ही एक मामला हरिद्वार में फील्ड मार्शल दिवाकर भट्ट जी एक आंदोलनकारी जिन्होंने खट पर्वत से लेकर दिल्ली तक आंदोलन किया तत्कालीन सरकार द्वारा तीन बार सूट आउट के आर्डर दिए गए अपनी पत्नी माता को आंदोलन में झोंक दिया जब जाकर आंदोलन को सफल बनाया लोगों को साथ जोड़कर उत्तराखंड राज्य की स्थापना कराई उन्हीं को आज हम भूल रहे हैं सरकार को ध्यान रखना चाहिए कि हमारे प्रदेश में ऐसे आंदोलनकारी का हम सम्मान नहीं करेंगे तो कैसे उत्तराखंड आगे बढ़ेगा रजत जयंती समारोह को अच्छी तरह मानना चाहिए आज श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के द्वारा ऐसे आंदोलनकारी को सम्मानित किया जा रहा है हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक जी द्वारा बताया गया कि पूरे उत्तराखंड में जिन लोगों ने आंदोलन किया है जिन लोगों को सरकार बोली उन्हें श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के द्वारा सम्मानित किया जाएगा और लोगों को बताया जाएगा में आंदोलनकारी कौन थे आज प्रदेश की राजनीति में भूचाल आया हुआ है पहाड़ वाद प्लेन वाद का मुद्दा विधानसभा में गूंज उठा जो प्रदेश की शांति व्यवस्था को एक खतरा है श्री अखंड परशुराम अखाड़ा इस तरह के समस्त बयानों का खंडन करता है हम सब उत्तराखंड वासी हैं इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के प्रसिद्ध कथावाचक पवन कृष्ण शास्त्री जी कुलदीप शर्मा जी यशपाल शर्मा जी मनोज ठाकुर आशीष गिनी पंडित कमल राणाl

रिपोर्ट : पत्रकार कुलदीप शर्मा

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