कमल शर्मा (हरिहर समाचार)
हरिद्वार, ब्लॉक प्रमुख श्री प्रियाव्रत ने उत्तराखंड स्थापना के रजत जयंती वर्ष की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तराखंड का गठन एक लंबे आंदोलन का परिणाम है, जिसमें मुख्य भूमिका 1990 के दशक की सामाजिक-सांस्कृतिक चेतना, बेरोजगारी, शिक्षा-स्वास्थ्य के अभाव और क्षेत्रीय अलगाव ने निभाई। 1994 के मसूरी, खटीमा और रामपुर तिराहा जैसे गोलीकांड राज्य आंदोलन के काले अध्याय बनकर सामने आए। शहीदों के इन बलिदानों का ही परिणाम था कि 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड भारत का 27वाँ राज्य बना। राज्य बनने के बाद विभिन्न जन संगठनों और आम जनता के दबाव ने उत्तरांचल के नाम को बदलकर “उत्तराखंड” रखवाया, जो हर उत्तराखंडी के गौरव, पहचान और स्वाभिमान का प्रतीक बन गया।
