कमल शर्मा (हरिहर समाचार )
गुरु गोरखनाथ अलख अखाड़ा परिषद 🌺
एक महान शिक्षा संकल्प – संस्कार और विज्ञान का संगम
गुरु श्री गोरखनाथ अलख अखाड़ा (रजि0) के हरि किशन नाथ महाराज प्रदेश महासचिव हरियाणा श्री पवनसुत महाराज मार्ग दर्शक मंडल कार्यकारिणी ने बताया कि भारत के हर नगर में—एक नया शिक्षा दीप जलेगा! संस्कारों से युक्त, आधुनिक युग के अनुरूप शिक्षा का मिशन होगा l
“गुरु गोरखनाथ इंटरनेशनल स्कूल” अब पूरे भारतवर्ष में प्रारंभ हो रहा है।यह केवल एक विद्यालय नहीं,बल्कि गुरु परंपरा, संस्कृति और आधुनिक विज्ञान का संगम है जहां बच्चे बनेंगे संस्कारवान, आत्मविश्वासी और ज्ञानमय भारत के प्रतिनिधि।
इस अवसर पर बोलते हुए अखाड़े के अध्यक्ष श्री संजीवन नाथ जी ने कहा कि गुरु गोरखनाथ अलख अखाड़ा परिषद का यह पवित्र प्रयास केवल विद्यालय नहीं, बल्कि एक दिव्य शिक्षालय की स्थापना है —जहां बालक केवल ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला, आचरण की पवित्रता,और संस्कृति का आदर्श सीखेंगे।विद्यालय का प्रमुख आधार भारतीय संस्कार और नाथ परंपरा के मूल्य होंगे।
प्रत्येक दिन की शुरुआत गुरु गोरखनाथ जी के ध्यान, प्रार्थना और योग अभ्यास से होगी।यह विद्यालय राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्रणाली को अपनाएगा। स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग, भाषा एवं विज्ञान प्रयोगशालाएं,खेल, योग और ध्यान — सब कुछ एक ही छत के नीचे आपको मिलेगा l

यहां शिक्षा का हर चरण बच्चों में संस्कार, समर्पण और आत्मविश्वास का संचार करेगा।
हमारा उद्देश्य है कि “आधुनिक विज्ञान के साथ वेदों की वाणी,
तकनीकी ज्ञान के साथ संस्कृति की कहानी।”का समावेश हो l
भारतीय संस्कारों के साथ आधुनिक शिक्षl अनुभवी और संस्कारित शिक्षक मंडल योग, ध्यान, और नाथ परंपरा का प्रशिक्षण स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान प्रयोगशालाएं, खेल, संगीत, और कला
सुरक्षित और अनुशासित हॉस्टल व्यवस्था आदि l
गुरु गोरखनाथ इंटरनेशनल स्कूल के शिक्षक केवल अध्यापक नहीं,
बल्कि आचार्य और मार्गदर्शक होंगे।वे बच्चों के गुरु, मित्र और प्रेरणास्रोत बनकर हर छात्र के भीतर छिपे दिव्य प्रतिभा को जगाने का कार्य करेंगे।
विद्यालय में सुरक्षित, अनुशासित और सांस्कृतिक वातावरण से युक्त
आवासीय व्यवस्था (Hostel) भी होगी,जहां विद्यार्थियों को घर जैसा स्नेह और परिवार जैसा वातावरण मिलेगा।
संतों और गुरुजनों की देखरेख में विद्यार्थियों का चरित्र निर्माण और आध्यात्मिक विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
गुरु गोरखनाथ इंटरनेशनल स्कूल का उद्देश्य
हर नगर, हर गांव, हर राज्य में “संस्कारमय भारत” का निर्माण करना है।यहां शिक्षा केवल बुद्धि नहीं, बल्कि हृदय और आत्मा को भी प्रकाशित करेगी।
आप भी अपने नगर में
गुरु गोरखनाथ इंटरनेशनल स्कूल प्रारंभ करने हेतु संपर्क करें।
संतों के मार्गदर्शन में, अखाड़ा परिषद के संरक्षण में
आपका शहर भी बन सकता है — संस्कार और शिक्षा का केंद्र।
संपर्क करें:
गुरु गोरखनाथ अलख अखाड़ा परिषद, हरिद्वार
