गुरुजनों की पावन स्मृतियां तन और मन दोनों को पावन कर देती है एवम जीवन को धन्य कर देती है l
कमल शर्मा (हरिहर समाचार)
हरिद्वार, 30 जुलाई। साकेतवासी दूधाधारी बाबा महाराज की 46वीं पुण्यतिथी पर संत समाज ने सनातन धर्म संस्कृति में उनके योगदान का स्मरण करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित किए। भूपतवाला स्थित गुरू कृपा कुटी आश्रम में महंत प्रह्लाद दास महाराज के सानिध्य में आयोजित पुण्यतिथी समारोह को संबोधित करते हुए श्री महंत विष्णु दास महाराज ने कहा गुरुजनों की पावन स्मृतियां मनुष्य के तन और मन दोनों को पावन करने के साथ-साथ इस मानव जीवन को धन्य कर देती है इस पृथ्वी लोक पर गुरु से बड़ा सच्चा और कोई मार्गदर्शक हो ही नहीं सकता सतगुरु देव हमें कच्ची मिट्टी से पक्का घड़ा बना देते हैं हमारे जीवन को सार्थकता प्रदान करने के साथ-साथ दिशा प्रदान कर देते हैं हमारे संपूर्ण जीवन की काया पलट कर देते हैं महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने कहा कि साकेतवासी दूधाधारी बाबा दिव्य आत्मा थे। जीवन पर्यन्त संत परंपरांओं का पालन करते हुए उन्होंने सनातन धर्म संस्कृति के संरक्षण संवर्द्धन में योगदान किया। जिसे हमेशा स्मरण रखा जाएगा। मंहत प्रह्लाद दास महाराज ने सभी संत महापुरूषों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पूज्य गुरूदेव साकेतवासी दूधाधारी बाबा महाराज धर्म शास्त्रों के प्रकाण्ड विद्वान थे। वे सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें दूधाधारी बाबा महाराज जैसे प्रखर संत का सानिध्य प्राप्त हुआ। गुरूदेव के दिखाए मार्ग पर चलते समाज में धर्म और अध्यात्म का प्रचार करना ही उनके जीवन का लक्ष्य है। गुरु के बताये मार्ग ने हमारे मनुष्य जीवन को सार्थक कर दिया भक्ति मनुष्य को सिर्फ गुरु चरणों से ही प्राप्त हो सकती है महामंडलेश्वर महंत नवल किशोर महाराज दास, बाबा हठयोगी महाराज, महंत दुर्गादास महाराज ने कहा कि साकेतवासी दूधाधारी बाबा महाराज का त्यागमयी जीवन और उनका कृतित्व सदैव समाज को प्रेरणा देता रहेगा।

इस अवसर पर महंत विष्णुदास, महंत प्रेमदास, महंत दयाराम दास, महंत प्रमोद दास ने सभी संतों का फूलमाला पहनाकर स्वागत किया। श्रद्धांजलि देने वालों में महंत दयाराम दास महाराज, महंत विष्णु दास महाराज, महंत प्रेमदास, महाराज महंत प्रमोद दास, महाराज महंत नारायण दास पटवारी महाराज, महंत सूरज दास, महाराज महामंडलेश्वर स्वामी चिदविलासानंद, महाराज स्वामी रविदेव शास्त्री महाराज, स्वामी सुतिक्ष्ण मुनि, महाराज स्वामी दिनेश दास महाराज महंत कन्हैया दास महाराज महंत सूरज दास महाराज महंत जयरामदास महाराज महंत वीरेंद्र स्वरूप महाराज महंत नागा बाबा गजेंद्र गिरी महाराज महंत प्रमोद दास महाराज महंत हितेश दास महाराज महंत रितेश दास महाराज महंत कैलाशानंद महाराज महंत साध्वी रंजना देवी महाराज कोतवाल कमल मुनि महाराज कोतवाल धर्मदास महाराज साध्वी श्याम दासी महाराज सहित कई संत महंत और श्रद्धालु शामिल रहे।