मास-ध्यान साधना शिविर 2026 का तीसवाँ एवं अंतिम दिवस श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न

हरिद्वार, शारदा पैलेस। महर्षि मेँहीँ अन्नक्षेत्र हरिद्वार के तत्वावधान में आयोजित मास-ध्यान साधना शिविर 2026 का तीसवाँ एवं अंतिम दिवस श्रद्धा, भक्ति, आध्यात्मिक चेतना और संत-महात्माओं के सान्निध्य में भव्य रूप से संपन्न हुआ। एक माह तक चले इस साधना शिविर में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 250 साधक-साधिकाओं ने भाग लेकर ध्यान-साधना, सत्संग और आध्यात्मिक चिंतन का लाभ प्राप्त किया।

शिविर के अंतिम दिवस के शुभ अवसर पर मंच पर गुरुचरण सेवी स्वामी प्रमोद जी महाराज, स्वामी गुरुनंदन जी महाराज, स्वामी बिंदेश्वरी जी महाराज, स्वामी नंदन जी महाराज, स्वामी संजीवानंद जी महाराज, स्वामी नरेंद्र बाबा जी महाराज, स्वामी अभिषेकानंद जी महाराज सहित अनेक संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। संतों के पावन सान्निध्य से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो उठा।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में गुरुचरण सेवी स्वामी प्रमोद जी महाराज ने साधकों को संबोधित करते हुए ध्यान-साधना, आत्मशुद्धि, सदाचार, गुरु-भक्ति और मानव जीवन के आध्यात्मिक उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने साधकों को नियमित साधना, सत्संग तथा सेवा-भाव को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि ध्यान-साधना मन को एकाग्र करने, अंतर्मन को निर्मल बनाने और जीवन में शांति एवं सद्भाव विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

एक माह तक चले इस शिविर में साधकों ने नियमित ध्यान-साधना, सत्संग और आध्यात्मिक अनुशासन के माध्यम से आत्मिक उन्नति की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास किया। शिविर का उद्देश्य महर्षि मेँहीँ परमहंस जी महाराज की ध्यान-साधना एवं संतमत की आध्यात्मिक शिक्षाओं को जन-जन तक पहुँचाना तथा समाज में सदाचार, प्रेम, सेवा और सद्भाव की भावना को मजबूत करना रहा।

शिविर के अंतिम दिवस पर सभी साधकों ने संत-महात्माओं के प्रवचनों से प्रेरणा प्राप्त की और साधना के अनुभवों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, अनुशासन, सेवा और आध्यात्मिक समर्पण की भावना बनी रही।

इस प्रकार मास-ध्यान साधना शिविर 2026 का तीसवाँ एवं अंतिम दिवस आध्यात्मिक उल्लास और मंगलमय वातावरण में संपन्न हुआ। आयोजक महर्षि मेँहीँ अन्नक्षेत्र हरिद्वार की ओर से सभी संत-महात्माओं, साधक-साधिकाओं एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। शिविर के समापन के साथ ही साधकों ने ध्यान, सत्संग और सेवा के इस आध्यात्मिक संदेश को अपने जीवन में निरंतर बनाए रखने का संकल्प लिया। यह जानकारी स्वामी पंकज बाबा ने दिए..

शिविर में आए हुए सभी साधक एवं साधिका और सत्संग प्रीमीगण को भोजन की व्यवस्था एवं रहने की व्यवस्था सब फ्री किया गया था… एवं विशाल भंडारा आयोजन हुआ जिसमें संत महात्मा 500 महात्मा भोजन का प्रसाद ग्रहण किया गया है आए हुए भक्तगण भी भोजन ग्रहण किया स्थानीय लोग भी बड़ी सक्रिय रहे एवं शिविर में एवं भंडारा में शामिल हुए

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