🔱 कमल शर्मा (हरिहर समाचार)
हरिद्वार। चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर श्री अखंड परशुराम अखाड़े की ओर से रोशनाबाद स्थित जिला कारागार में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ किया गया। कथा प्रारंभ से पूर्व कारागार परिसर में श्रद्धा और आस्था से परिपूर्ण कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्य सहित बंदियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सात दिवसीय इस आध्यात्मिक आयोजन में कथाव्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री जेल स्टाफ और बंदियों को श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराएंगे।
कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्य ने सभी को चैत्र नवरात्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से व्यक्ति के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कारागार का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि बंदियों का सुधार और पुनर्वास करना भी है। इसी सोच के तहत समय-समय पर कारागार में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं।
श्री अखंड परशुराम अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने आयोजन के लिए जेल प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कथा का मुख्य उद्देश्य बंदियों में नैतिक मूल्यों और सद्भावना का विकास करना है, ताकि वे भविष्य में सही मार्ग अपनाएं।
कथाव्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को सत्य, धर्म और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। इसके प्रभाव से बंदियों के जीवन में नई दिशा और सकारात्मक सोच का संचार होगा।
इस अवसर पर स्वामी कार्तिक गिरी महाराज, बलविंदर चौधरी, अमित पुंडीर, बृजमोहन शर्मा, जलज कौशिक, संजू अग्रवाल, संजय शर्मा, रूपेश कौशिक, यशपाल शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित
जेल में गूंजे भक्ति के स्वर: श्रीमद्भागवत कथा से बंदियों के जीवन में बदलाव की पहल 🔱
