हरिद्वार, (कमल शर्मा)
“ओ३म” के पावन उच्चारण के साथ आर्य समाज ढंढेरी ख्वाजगीपुर में पूर्व ग्राम प्रधान श्री विकास सैनी की चौपाल पर एक दिवसीय वार्षिक उत्सव भव्य एवं श्रद्धापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में वेदों की ओर लौटने का ओजस्वी आह्वान किया गया, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय में नई चेतना का संचार कर दिया।

दिनांक 05 अप्रैल, रविवार को आयोजित इस उत्सव का शुभारंभ यज्ञ के साथ हुआ, जो श्री ऋषिपाल आर्य जी एवं श्री ब्रह्मानंद जी के ब्रह्मत्व में सम्पन्न हुआ। यज्ञ के यज्ञमान श्री संजय सैनी एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती शशि सैनी रहे। समस्त ग्रामवासियों एवं आर्य समाज के पदाधिकारियों ने श्रद्धा के साथ आहुतियां अर्पित कर यज्ञमान परिवार को शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद प्रदान किया।

कार्यक्रम का सफल संचालन जिला आर्य उप प्रतिनिधि सभा हरिद्वार के प्रधान आर्य हरपाल सिंह सैनी द्वारा किया गया। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में आर्य समाज ढंढेरी के प्रधान श्री विधिराम सैनी एवं उनकी पूरी टीम का विशेष योगदान रहा।

उत्सव में भक्ति और देशभक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब प्रसिद्ध भजनोपदेशक ब्रह्मानन्द जी, गौतम जी, चेतराम जी एवं ओमपाल आर्य (ढोलकवादक) ने ईश्वर भक्ति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुति दी। उनके गीतों ने स्वतंत्रता संग्राम के स्वर्णिम दिनों की याद दिला दी और वातावरण को भावविभोर कर दिया।
इस अवसर पर आर्य समाज के विद्वान आर्य संदीप वेदालंकार ने ओजस्वी वक्तव्य देते हुए सनातन वैदिक धर्म संस्कृति के पालन पर जोर दिया। उन्होंने वेदों के अध्ययन, उनके प्रचार-प्रसार एवं अपने मूल ग्रंथों के स्वाध्याय के महत्व को विस्तार से समझाया और उपस्थित जनसमूह को वैदिक मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।

वार्षिक उत्सव में जिले भर से आर्य समाज के प्रतिनिधि एवं जिला सभा हरिद्वार के पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। मुख्य रूप से ईश्वर आर्य (उप प्रधान), बाबूराम सैनी (कोषाध्यक्ष), गौतम आर्य (मंत्री), जिला सभा से जगपाल सिंह, वेदपाल सिंह, पवन आर्य, निर्दोष आर्य, विरेंद्र सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
पूरे आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती दी, बल्कि समाज में एकता, समरसता और वैदिक संस्कृति के प्रचार का सशक्त संदेश भी दिया।



