हरिद्वार, आज जगजीत पुर में संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास के 649 वे जन्मोत्सव के उपलक्ष में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया l जिसमें सर्व समाज के लोगों ने प्रतिभाग किया साथ ही श्री रविदास जी महाराज की कीर्ति युक्त गाथाओं का मंच से मंचन भी किया गया इस अवसर पर बोलते हुए संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास के अनन्य भक्त श्री फूल कुमार ने गुरु रविदास जी महाराज के बारे में बताते हुए कहा कि संत गुरु रविदास जी महाराज ने अपने विचारों और आचरण से समाज को एकता के सूत्र में बाँधने का महान कार्य किया। उन्होंने भक्ति मार्ग को जीवन की सच्ची साधना बताते हुए कहा कि ईश्वर भक्ति का वास्तविक स्वरूप प्रेम, करुणा और समानभाव में निहित है। उनके अनुसार जाति, वर्ग और ऊँच-नीच के भेद मनुष्य द्वारा बनाए गए हैं, जबकि ईश्वर की दृष्टि में सभी समान हैं। संत रविदास जी ने अपने जीवन और वाणी से यह संदेश दिया कि जब मनुष्य अपने मन को शुद्ध कर लेता है और सभी के प्रति सद्भाव रखता है, तभी उसका जीवन सफल होता है।

उन्होंने कर्म, भक्ति और सत्य को धर्म मार्ग पर चलने की सर्वोत्तम युक्ति बताया और मानव सेवा को ही ईश्वर सेवा का रूप माना संत गुरु रविदास जी महाराज की वाणी सरल होते हुए भी अत्यंत प्रभावशाली थी। उनके पद और भजन जन-जन के हृदय को जोड़ने वाले थे, जिनमें एकता, प्रेम और सामाजिक समरसता का भाव स्पष्ट रूप से झलकता है। उन्होंने भक्ति को केवल पूजा-पाठ तक सीमित न रखकर उसे आचरण से जोड़ दिया। उनका मानना था कि जब तक मनुष्य अपने व्यवहार में सच्चाई, दया और समानता नहीं अपनाता, तब तक उसकी भक्ति अधूरी रहती है। इसी कारण उनके विचारों ने समाज के हर वर्ग को प्रभावित किया और लोगों को धर्म के सच्चे मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

संत गुरु रविदास जी महाराज का जन्म उत्सव हमें उनके महान आदर्शों को स्मरण करने और जीवन में उतारने का पावन अवसर प्रदान करता है। उनका संपूर्ण जीवन मानव एकता, भक्ति और धर्म मार्ग का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने समाज को यह शिक्षा दी कि प्रेम और एकता से ही सच्चा धर्म स्थापित होता है। इस अवसर पर बोलते हुए श्री आनंद ने कहा कि संत रविदास जी महाराज की महिमा और उनके उपदेश आज भी मानवता के लिए प्रकाशस्तंभ के समान हैं और सदैव समाज को सत्य, सद्भाव और समानता की दिशा में प्रेरित करते रहेंगे।
इस अवसर पर फूल कुमार, संजीव, नितिन, आनंद, अर्जुन, संदीप,सुदेश, शरेशों, सुक्खो, शुभम, ललित, आदित्य, रामकुमार, मोनू अमित प्रद्युम्न, शिव कुमार, अनिल, मनजीत, अजय, बसु आदि उपस्थित रहे सभी ने रविदास महाराज की महिमा का गुणगान सुना और आयोजित भंडारे में भोजन प्रसाद ग्रहण किया l
