कमल शर्मा (हरिहर समाचार)
युवा साहित्यकारों ने साहित्य की सरिता में स्नान करा कर श्रोताओं का जीवन आनंद मय किया हरिद्वार भूपतवाला स्थित श्री नकलक धाम आश्रम में युग धारा फाउंडेशन लखनऊ के तत्वाधान में एक साहित्य सम्मेलन का आयोजन परम पूज्य राजेंद्र दास बापूजी महाराज के पावन सानिध्य मेंकिया इस अवसर पर मशहूर साहित्यकार रवीना राज ने चार पंक्तियां सुनाते हुए कहा l

किसी फरिश्ते ने रूह को मेरी पहचाना परते दर परते खोल गिरह को जाना जो नायाब रिश्ते जहन में टकराये थे सुना है उस महफिल में वो भी आये थे इस अवसर पर हरिद्वार के प्रबुद्ध साहित्यकार वरिष्ठ पत्रकार श्री बृजेंद्र हर्ष आशा साहनी रवीना राज डॉ शिव मोहन सिंह डॉक्टर अर्चना झा सरिता ललित मोहन शर्मा राम विनय सिंह असीम शुक्लासहित भारी संख्या में साहित्यकार उपस्थित थे
