कल्याण की कथा से गूंजा रोशनाबाद कारागार, द्वितीय दिवस पर भागवत महिमा का अद्भुत संगम 🔥

| 20 मार्च 2026 | द्वितीय दिवस
हरिद्वार। कमल शर्मा/हिंदू नववर्ष एवं चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर श्री अखंड परशुराम अखाड़ा द्वारा जिला कारागार रोशनाबाद में सर्वजन कल्याण हेतु आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर आध्यात्मिक वातावरण और अधिक भावपूर्ण हो उठा। कथा व्यास शास्त्री जी ने श्रद्धालुओं एवं बंदियों को भागवत कथा का रसपान कराते हुए इसके गूढ़ रहस्यों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया।
कथा के दौरान शास्त्री जी ने बताया कि सर्वप्रथम सप्ताह कथा का श्रवण शुक्रताल में सुखदेव मुनि द्वारा राजा परीक्षित को कराया गया था। उन्होंने विस्तार से वर्णन किया कि जब राजा परीक्षित को कलियुग के आगमन का आभास हुआ तो उन्होंने उसे रोकने का प्रयास किया। कलियुग ने निवास हेतु स्थान मांगा, जिस पर राजा ने उसे जुआ, मद्यपान, हिंसा और अनैतिक आचरण जैसे चार स्थान दिए। बाद में कलियुग के आग्रह पर उसे स्वर्ण में भी वास करने की अनुमति दी गई।
शास्त्री जी ने आगे बताया कि अधर्म से प्राप्त मुकुट धारण करने के कारण राजा परीक्षित के जीवन में दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं घटीं। श्रृंगी ऋषि के श्राप के फलस्वरूप तक्षक नाग द्वारा सातवें दिन मृत्यु निश्चित होने पर राजा परीक्षित ने राजपाट त्यागकर गंगा तट शुक्रताल में आश्रय लिया। वहीं सुखदेव जी ने उन्हें सात दिनों तक श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कराया, जिससे उन्हें भगवान के वैकुंठ धाम की प्राप्ति हुई।
उन्होंने कहा कि तभी से भागवत सप्ताह की परंपरा प्रारंभ हुई, जो मानव जीवन के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करती है। यह कथा न केवल मनोकामनाओं की पूर्ति करती है, बल्कि व्यक्ति को मोक्ष का अधिकारी भी बनाती है।
इस अवसर पर श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को संकल्प लेकर कारागारों में इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन करते रहना चाहिए, जिससे बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ सके और वे समाज की मुख्यधारा में लौटकर नया जीवन आरंभ कर सकें।
जेल अधीक्षक मनोज आर्य ने अखाड़े का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से बंदियों को आत्मिक शांति मिलती है और उनके सुधार में महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने आशा जताई कि भविष्य में भी इस प्रकार के आयोजन निरंतर होते रहेंगे।
कार्यक्रम में समाजसेवी जलज कौशिक द्वारा श्रीमद् भागवत का विधिवत पूजन संपन्न कराया गया। इस दौरान पंडित सतीश तिवारी, पंडित सचिन पैन्यूली, पंडित आदित्य जागुड़ी, बलविंदर चौधरी, कुलदीप शर्मा, मनोज ठाकुर, बृजमोहन शर्मा, संजू अग्रवाल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
— आध्यात्मिक चेतना से सुधार की ओर बढ़ते कदम, कारागार में गूंज रही भक्ति की शक्ति।

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