कमल शर्मा (हरिहर समाचार)
हरिद्वार, आज एक चर्चा के दौरान मुख्य अग्निशमन अधिकारी श्री वंश कुमार यादव ने बताया कि देशभर में आवासीय भवनों में आग लगने की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैंl लापरवाही से धूम्रपान करना घरों में आग लगने और उससे होने वाली मौतों का प्रमुख कारण है। विशेष रूप से बिस्तर और गद्देदार फर्नीचर के पास जलती सिगरेट छोड़ देना गंभीर हादसों को जन्म देता है। ऐसे में धुआं रोधक यंत्र (स्मोक डिटेक्टर) और आग प्रतिरोधी बिस्तर व फर्नीचर जीवनरक्षक साबित हो सकते हैं।
आवासीय भवनों में आग और उससे होने वाली मौतों का दूसरा सबसे बड़ा कारण आगजनी है। वहीं, व्यावसायिक संपत्तियों में आगजनी ही मौतों, चोटों और भारी आर्थिक नुकसान का प्रमुख कारण बनती जा रही है।

घरों में आग से होने वाली मौतों का तीसरा बड़ा कारण हीटिंग सिस्टम है। दक्षिणपूर्वी अमेरिका में हीटर से लगी आग मौतों का मुख्य कारण है, जबकि उत्तरी अमेरिका में लकड़ी के चूल्हों से आग लगने की घटनाएं अधिक देखी जाती हैं।
अपार्टमेंट में आग लगने का सबसे बड़ा कारण खाना पकाना है, जबकि एकल-परिवार वाले घरों में यह दूसरा सबसे आम कारण है। अधिकतर मामलों में आग स्टोव या ओवन की खराबी से नहीं, बल्कि खाना बनाते समय मानवीय लापरवाही और असावधानी से लगती है।
🔥 आग से बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी कदम:
घर में स्मोक डिटेक्टर अवश्य लगाएं।
महीने में एक बार स्मोक डिटेक्टर की जांच करें और साल में एक बार बैटरी बदलें।
सभी अग्निशमन उपकरण सही स्थान पर और चालू हालत में रखें।
आग लगने की स्थिति में सुरक्षित बाहर निकलने की योजना बनाएं और उसका अभ्यास करें।
बिजली के सर्किट को ओवरलोड न करें।
ज्वलनशील पदार्थों को गर्मी के स्रोतों से दूर रखें।
अग्निशामक यंत्र का सही उपयोग करना सीखें।
विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता और सतर्कता ही आग से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। यदि इन सरल लेकिन महत्वपूर्ण नियमों का पालन किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। इस अवसर पर श्री अनिल कुमार त्यागी भी उपस्थित रहे l
सावधानी ही सुरक्षा है — आज ही अपने घर की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
