🕉️ हरिद्वार, कमल शर्मा/ कनखल।
नव संवत्सर एवं नववर्ष के पावन अवसर पर आध्यात्मिक नगरी हरिद्वार में धर्म, ज्ञान और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। “अज्ञान तिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जन शलाकया…” की मंगलमयी भावना के साथ 72वें अखिल भारतीय वेदान्त सम्मेलन का शुभारंभ शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 से हो गया है, जो 14 अप्रैल 2026 तक भव्य रूप से आयोजित किया जा रहा है।
यह विशाल आध्यात्मिक आयोजन श्री कृष्ण निवास एवं श्री पूर्णानन्द आश्रम, संन्यास रोड, कनखल (हरिद्वार) के पावन प्रांगण में संपन्न हो रहा है, जहां देशभर से संत-महात्मा एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।

सम्मेलन के अंतर्गत सामूहिक श्री शिव रुद्राभिषेक एवं श्री शिव सहस्रनामार्चन अनुष्ठान का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और वैदिक विधि-विधान से किया जा रहा है, जिससे सम्पूर्ण वातावरण भक्तिमय और ऊर्जा से परिपूर्ण हो उठा है।
इस अवसर पर श्री 1008 स्वामी गिरिधरगिरि जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा—
“वेदांत केवल ज्ञान का विषय नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला प्रकाश है। गुरु कृपा से ही अज्ञान रूपी अंधकार दूर होता है और आत्मज्ञान का द्वार खुलता है। ऐसे आयोजनों से समाज में धर्म, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का प्रसार होता है।”
उन्होंने आगे कहा कि नववर्ष का यह पावन समय आत्मचिंतन, साधना और सेवा का संकल्प लेने का सर्वोत्तम अवसर है, जिससे मानव जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है।
आयोजन समिति द्वारा सभी संत एवं भक्तगणों को सादर आमंत्रित किया गया है कि वे इस दिव्य अनुष्ठान में सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित करें।
🙏 हरिद्वार की पावन धरा पर ज्ञान, भक्ति और साधना का यह महाकुंभ जन-जन के कल्याण का संदेश दे रहा है। 🙏



