कथा के समापन के अवसर पर परीक्षित मोक्ष और सुदामा चरित्र जैसे प्रसंगों का हुआ सुंदर चित्रण

हरिद्वार 3 नवम्बर 2025 भूपत वाला स्थित अग्रवाल भवन में चल रही कथा के समापन के अवसर पर परीक्षित मोक्ष और सुदामा चरित्र जैसे प्रसंगों का सुंदर चित्रण व्यास पीठ पर आसीन श्री धाम वृंदावन से पधारे परम पूज्य श्री बाल गोविंद जी महाराज के मुखारविंद से सभी भक्तजन द्वारा श्रवण किया गया l श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन भव्य और दिव्य रूप में किया गया जिसमें कथा का श्रवण सभी भक्तों ने बड़े ही भक्ति भाव से किया आज कथा के समापन पर संतों का आगमन हुआ। विशेष स्वागत और अभिनंदन श्री राजीव तिवारी जी जो कि दिल्ली हाई कोर्ट से वकील है

(अधिवक्ता )किया । श्री राजीव तिवारी और उनकी धर्मपत्नी अपर्णा तिवारी और उनकी बहुत ही प्यारी और धार्मिक प्रवृत्ति में लगी हुई पोती कियारा तिवारी ने संतों का स्वागत अभिनंदन करके आशीर्वाद ग्रहण किया। l कथा के समापन अक्सर राजा परीक्षित के मोक्ष की कथा के साथ हुआ ऋषि के श्राप के कारण राजा परीक्षित को सातवें दिन तक्षक नाग द्वारा डसे जाने का श्राप मिला था। उन्होंने अपना राज्य पुत्र को सौंप दिया और गंगा तट पर शुकदेव मुनि से भागवत कथा सुनी।कथा सुनकर उन्होंने आत्मज्ञान प्राप्त किया और मोक्ष को प्राप्त हुए।

आगे कथा में बोलते हुए व्यास जी ने श्रीकृष्ण और उनके मित्र सुदामा की निस्वार्थ मित्रता का वर्णन किया जाता है।सुदामा अपनी गरीबी में भी अपने मित्र के प्रति निष्ठावान रहे। द्वारका जाकर कृष्ण ने उनका अत्यंत सम्मान किया और सुदामा को बिना मांगे ही बहुत कुछ प्रदान किया। इस कथा से यह सीख मिलती है कि सच्ची मित्रता स्वार्थ से परे होती हैl कथा के अंतिम चरण में कृष्ण की अन्य लीलाएं, जैसे कंस वध, रुक्मणी विवाह और शिशुपाल वध भी सुनाए गए। कथा के समापन में, हवन यज्ञ किया गया और महर्षि वेदव्यास के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए व्यास पूजन किया गय तत्पश्चात सभी भक्तों और श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया l

इस अवसर पर श्री लेखराज हांडा जोकि लुधियाना से हैं ,श्री रतनलाल खन्ना जी जो कि मुंबई से हैं ,श्री सुशील खैतान जी जो कि दिल्ली से है ,श्री महेश कुमार गोयल जो कि मुंबई से है इन सभी और अन्य भक्त जनों ने मिलकर इस भागवत कथा महायज्ञ का आयोजन किया, और भगवान से प्रार्थना की कि वह ऐसे ही इन सबको धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में प्रवृत्त रखे।

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